जन्माष्टमी को लेकर रायगढ़ में उत्साह चरम पर, रोशनी से जगमगाए कृष्ण मंदिर

75 वर्षों से चली आ रही गौरीशंकर मंदिर की झूलाउत्सव परंपरा इस बार भी बनेगी आकर्षण का केंद्र
रायगढ़। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को यादगार और भव्य बनाने के लिए रायगढ़ शहर में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। बीते एक सप्ताह से शहर के विभिन्न कृष्ण मंदिरों में सजावट और आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। जन्माष्टमी के एक दिन पहले ही पूरा शहर कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित मंदिरों को आकर्षक विद्युत झालरों, रंग-बिरंगी रोशनियों और फूलों से सजाया गया है। शाम ढलते ही मंदिरों की जगमगाहट लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। गली-मोहल्लों में भी जन्माष्टमी को लेकर उत्साह का माहौल है।
गौरीशंकर मंदिर का झूलाउत्सव देशभर में प्रसिद्ध
रायगढ़ के मध्य स्थित प्रसिद्ध गौरीशंकर मंदिर का श्रीकृष्ण झूलाउत्सव जन्माष्टमी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। मंदिर में पिछले करीब 75 वर्षों से जन्माष्टमी महापर्व को विशेष धार्मिक उत्साह और परंपरागत श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।
समय के साथ इस आयोजन की भव्यता बढ़ती गई है और आज गौरीशंकर मंदिर का झूलाउत्सव रायगढ़ की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
झालरों और फूलों से सजा मंदिर परिसर
इस वर्ष भी जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत झालरों और रंग-बिरंगी रोशनियों के साथ फूलों से सजाया गया है। सजावट के बाद मंदिर की भव्यता देखते ही बन रही है।
रात के समय रोशनी से जगमगाता मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
शहरभर में कृष्ण भक्ति का माहौल
जन्माष्टमी को लेकर रायगढ़ में केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि विभिन्न मोहल्लों और सामाजिक क्षेत्रों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां की जा रही हैं।
बाल गोपाल के स्वरूप में बच्चों को सजाने से लेकर मंदिरों में झूला सजाने तक, हर तरफ कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां नजर आ रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की प्रतीक्षा में श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
परंपरा और आस्था का संगम बनेगा झूलाउत्सव
गौरीशंकर मंदिर में आयोजित होने वाला झूलाउत्सव श्रद्धा के साथ-साथ रायगढ़ की पुरानी धार्मिक परंपराओं को भी जीवंत रखता है। सात दशक से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा पीढ़ियों को आपस में जोड़ने का माध्यम बनी हुई है।
इस बार भी मंदिर की आकर्षक सजावट और जन्माष्टमी आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता है। कृष्ण जन्मोत्सव के साथ मंदिर परिसर में भक्ति, उल्लास और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।






