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रायगढ़ में बदला जमीन-मकान का मूल्यांकन सिस्टम: नई गाइडलाइन दरें लागू, अब रजिस्ट्री पहले से ज्यादा पारदर्शी

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी नई गाइडलाइन दरें लागू होते ही रायगढ़ जिले में जमीन और मकान की रजिस्ट्री व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब संपत्तियों का मूल्यांकन पहले की तुलना में अधिक सटीक, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

नई गाइडलाइन में रकबा, सड़क से दूरी, भूमि उपयोग, सिंचाई की स्थिति और भवन की उम्र जैसे कारकों को मूल्य निर्धारण का आधार बनाया गया है। इससे अब हर संपत्ति की वास्तविक कीमत का आकलन अधिक निष्पक्ष रूप से किया जा सकेगा।

शहरी क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव
पहले शहरी क्षेत्रों में 0.202 हेक्टेयर तक की जमीन का मूल्यांकन प्रति वर्गमीटर दर से किया जाता था, लेकिन अब इसे घटाकर 0.140 हेक्टेयर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि इससे बड़े प्लॉट का मूल्यांकन अब दो हिस्सों में होगा —

  • पहले 0.140 हेक्टेयर तक की जमीन का मूल्यांकन वर्गमीटर दर से,
  • और उससे अधिक हिस्से का मूल्यांकन प्रति हेक्टेयर दर से किया जाएगा।

व्यवसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर 25% वृद्धि
जिला पंजीयक कार्यालय के अधिकारी दीपक मंडावी के अनुसार, नई गाइडलाइन से मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी। मुख्य सड़कों से अंदर स्थित व्यवसायिक या औद्योगिक संपत्तियों पर अब 25% मूल्य वृद्धि लागू होगी। साथ ही उद्योग, फैक्ट्री, गोदाम और पेट्रोल पंप जैसी संपत्तियों का मूल्यांकन अब वैल्यूअर की रिपोर्ट या बिक्री मूल्य (जो अधिक हो), उसके आधार पर किया जाएगा।

साझा खरीदी में हर खरीदार का अलग मूल्यांकन
यदि किसी जमीन को कई खरीदार मिलकर खरीदते हैं और वे एक ही परिवार के सदस्य नहीं हैं, तो अब प्रत्येक खरीदार के हिस्से का मूल्यांकन अलग-अलग किया जाएगा। परिवार के रूप में माता-पिता, पति-पत्नी, भाई-बहन, पुत्र-पुत्री, पोता-पोती और नाती-नातिन को शामिल किया गया है।

खरीद-बिक्री के 5 नए मुख्य नियम:

  1. रकबा: 0.140 हेक्टेयर से कम जमीन पर वर्गमीटर दर लागू होगी।
  2. सड़क से दूरी: यदि जमीन मुख्य सड़क से 20 से 50 मीटर के भीतर है, तो दर बढ़ जाएगी।
  3. भवन की उम्र: पुराने मकानों पर 10 से 20% तक की रियायत मिलेगी।
  4. सिंचाई की स्थिति: असिंचित जमीन की कीमत में 20% की कटौती होगी।
  5. सड़क का नाम अनिवार्य: गलत मूल्यांकन पाए जाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
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