धरमजयगढ़ के जंगल में गूँजी नई किलकारी, हाथी ने दिया शावक को जन्म

रायगढ़। धरमजयगढ़ वनमंडल के घने जंगलों में बुधवार तड़के प्रकृति ने एक नया जीवन उपहार में दिया। बाकारूमा रेंज के धवराभांठा बीट में सुबह करीब 3 बजे एक मादा हाथी ने नन्हे शावक को जन्म दिया। इस खुशी के पल ने पूरे हाथियों के झुंड में नई ऊर्जा भर दी।
वन विभाग की ट्रैकिंग टीम को जंगल के कक्ष क्रमांक 107 में खून के निशान और झिल्ली के अवशेष मिले, जिससे जन्म की पुष्टि हुई। इसके बाद ड्रोन कैमरे से झुंड का निरीक्षण किया गया, जिसमें अब कुल 13 हाथी दिखाई दिए। ड्रोन फुटेज में यह भी साफ दिखा कि नवजात अपनी मां के साथ पूरी तरह सुरक्षित है।
घटना की जानकारी मिलते ही SDO मकरलाल सिदार, रेंजर विष्णु प्रसाद मरावी और सर्किल प्रभारी देवेंद्र ठाकुर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि पास के ही कक्ष क्रमांक 106 में 27 हाथियों का एक और बड़ा झुंड मौजूद है। ऐसे में विभाग लगातार दोनों झुंडों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो और नवजात सुरक्षित रहे।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह जन्म न सिर्फ जंगल के लिए हर्ष का विषय है, बल्कि हाथियों के सामाजिक व्यवहार और झुंड की संरचना को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने इसे प्रकृति की अनमोल देन करार दिया।












