जिले के सभी निजी क्लिनिक, लैब एवं हॉस्पिटल को नर्सिंग होम एक्ट का पालन करने के निर्देश

रायगढ़ । जिले में संचालित सभी निजी क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब एवं हॉस्पिटल को अब छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापना (अनुज्ञापन) अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 (नर्सिंग होम एक्ट) के प्रावधानों का सख्ती से पालन करना होगा। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अनिल कुमार जगत ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
सीएमएचओ डॉ. जगत ने कहा कि जिले में कार्यरत प्रत्येक निजी स्वास्थ्य संस्था के लिए अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) और पंजीयन अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति एवं पंजीयन के संचालित होने वाले किसी भी क्लिनिक, लैब अथवा हॉस्पिटल को अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे संस्थानों पर नियमित प्रक्रिया अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि यदि कोई संस्था बिना लाइसेंस के पाई जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी सीधे संचालक एवं प्रमुख चिकित्सक की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी संचालकों को नियमों का पालन करते हुए समय पर पंजीयन कराना आवश्यक है।
सीएमएचओ ने जिले के समस्त निजी स्वास्थ्य संस्थानों से अपील की है कि वे नियमों एवं कानून का पालन करते हुए अपने संस्थान को पंजीकृत कराएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि सभी मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।












