Uncategorised

कला एवं साहित्य की  विभूतियां हमारी धरोहर – रामचंद्र

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

हिन्दी दिवस पर नव निर्माण और संस्कार स्कूल ने किया

रायगढ़ हिंदी दिवस के अवसर पर नवनिर्माण संकल्प समिति और संस्कार पब्लिक स्कूल रायगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में रायगढ़ रत्न साहित्य सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में साहित्य, लेखन और काव्य पाठ के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रायगढ़ के साहित्यकार और कवियों को   रायगढ़ के शिक्षाविद समाजसेवी रामचंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम रायगढ़ के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था संस्कार पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। संस्था के सचिव दीपक ने बताया कि कार्यक्रम में रायगढ़ के साहित्य और कला जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया। संस्था प्रमुख रामचंद्र शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से सभी सम्मानित विभूतियों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। और भविष्य में भी इसी तरह से साहित्य के प्रति समर्पित रहने तथा रायगढ़ के साहित्यकारों के साथ मिलकर रायगढ़ में एक बृहत कार्यक्रम करने को लेकर भी सभी को आस्वस्त  किया है।

सम्मान समारोह का आयोजन
समारोह का शुभारंभ अतिथि जगदीश मेहर, विशिष्ट अतिथि साहित्यकार के के तिवारी, रामगोपाल शुक्ल , कमल कुमार बोहिदार ने विद्या देवी माता सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन  में  कहा कि साहित्य समाज का वह दर्पण है, जो हमें हमारी संस्कृति, मूल्यों और इतिहास से जोड़े रखता है। उन्होंने कहा, “साहित्यकार और कवि समाज के मार्गदर्शक होते हैं। उनका सम्मान करना वास्तव में समाज का सम्मान करना है।”

सम्मानित विभूतियां
इस विशेष सम्मान समारोह में 23 विभूतियों को सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं। वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. के के तिवारी (कान्ति कुमार)
श्री कमल कुमार बहिदार, श्री जगदीश प्रसाद मेहर, श्री रामगोपाल शुक्ल, श्री प्रमोद कुमार दुबे, श्री रघुनंदन प्रसाद तिवारी, श्री प्रदीप उपाध्याय, सुश्री गीता उपाध्याय, श्री तरूण बघेल, श्री श्याम नारायण श्रीवास्तव, श्री भानु मिश्रा,श्रीमती सुशीला साहू, श्री सनत कुमार चौहान ,श्री आनंद सिंघनपुरी, श्री कन्हैया लाल गुप्ता, श्री सुजीत कर,श्री प्रकाश गुप्ता, श्री अरविन्द सोनी, डॉ. मणिकान्त भट्ट, श्री रूशेन कुमार,श्री जितेन्द्र सिंह राणा,मुकेश यादव कर्मवीर,श्रीमती राधिका दुबे को उनकी दीर्घकालीन साहित्यिक सेवाओं के लिए रायगढ़ साहित्य रत्न प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र और श्रीफल देकर सम्मान’ से नवाजा गया।

केसमारोह का समापन
यह सम्मान समारोह न केवल साहित्यकारों के सम्मान का एक मंच था, बल्कि यह समाज में साहित्य और कला के महत्व को भी उजागर करता है। कार्यक्रम का समापन श्री रामचंद्र शर्मा द्वारा सभी सम्मानित विभूतियों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन नवनिर्माण संकल्प समिति के सचिव दीपक मंडल के द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम भविष्य में साहित्य और कला को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

वक्ताओं ने बताया हिंदी का महत्व
कार्यक्रम के दौरान कवि एवं साहित्यकार श्याम नारायण श्रीवास्तव, गीता उपाध्याय, राम गोपाल शुक्ल, कमल कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने अपने काव्य पाठ और भाषण के दरमियान हिंदी का महत्व बताया 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को भारत संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया था। यह दिन हमें हिंदी भाषा के महत्व और उसके प्रचार-प्रसार की याद दिलाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हिंदी के प्रति जागरूक करना और इसे रोजमर्रा के जीवन में अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जैसे भाषण प्रतियोगिताएं, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम, ताकि हिंदी के गौरव को बढ़ाया जा सके। हिंदी दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। यह हमें एक-दूसरे से जोड़ने का काम करती है और हमारी पहचान को मजबूत बनाती है।

संस्कारधानी के प्रतिभावानों को मिल रहा है महत्व
प्रशासनिक सेवा छोड़कर शिक्षा के क्षेत्र में अपने जीवन को खपाने वाले रामचंद्र शर्मा लंबे अरसे से सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय होकर संस्कारधानी के प्रतिभावान अलग-अलग विधा के माहिर लोगों को महत्व दे रहे हैं। रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में पिछले कई सालों से संस्कारधानी रायगढ़ में गुरु सम्मान समारोह और तिरंगा यात्रा का आयोजन होता आ रहा है। इसके अलावा रामचंद्र शर्मा ने खेल दिवस के अवसर पर रायगढ़ खेल रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया था।

जिसमें 100 से भी अधिक रायगढ़ के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पूर्व एवं वर्तमान खिलाड़ियों का सम्मान समारोह का आयोजन किया था रामचंद्र शर्मा के द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से रायगढ़ के प्रतिभावान एवं विद्वान सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले तथा रायगढ़ शहर का नाम अलग-अलग विधाओं के माध्यम से ऊँचा करने वाले को लोगों को पहली बार स्थानीय स्तर पर भी महत्व मिल रहा है। नव निर्माण संकल्प समिति और रामचंद्र शर्मा के द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की चर्चा और प्रशंसा शहर के हर छोटे-बड़े चौक चौराहे और ठेले गुमटी में होने लगी है।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button