हसदेव नदी हादसा : 90 घंटे बाद मिली युवती की लाश, सपना था अधिकारी बनने का

जांजगीर-चांपा। जिले के चर्चित हसदेव नदी हादसे में लापता युवती स्वर्णरेखा ठाकुर (29 वर्ष) का शव 90 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है। SDRF की टीम ने बुधवार दोपहर ग्राम देवरहा के पास नदी किनारे झाड़ियों में फंसे शव को खोज निकाला। शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी। देर रात पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
दरअसल, शनिवार 4 अक्टूबर को बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले के पांच युवा-युवतियां ग्राम देवरी पिकनिक स्पॉट घूमने पहुंचे थे। इस दौरान सभी ने हसदेव नदी में नहाने का निर्णय लिया। लेकिन नहाते समय तेज बहाव में आने से तीन लोग — आशीष भोई, अंकुर कुशवाहा और स्वर्णरेखा ठाकुर नदी में बह गए, जबकि लक्ष्मी शंकर और मोनिका सिंह किसी तरह से बाहर निकल आए।
घटना की सूचना पर पुलिस व जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान अगले दिन शुरू किया गया। रविवार सुबह SDRF और DDRF की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया, मगर सफलता नहीं मिली। सोमवार को अंकुर कुशवाहा का शव बरामद किया गया, जबकि मंगलवार सुबह आशीष भोई का शव महुदा गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में मिला था।
अंततः बुधवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच SDRF टीम ने स्वर्णरेखा का शव देवरहा गांव के पास छोटी झाड़ियों में पाया। SDRF और DDRF की टीम ने मिलकर शव को बाहर निकाला और पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को जिला अस्पताल जांजगीर भेजा।
बताया जा रहा है कि स्वर्णरेखा ठाकुर दो बहनों में सबसे छोटी थी। वह पढ़ाई में तेज थी और PSC की तैयारी कर अधिकारी बनने का सपना देख रही थी। उसकी असमय मौत से परिवार और मित्रों में गहरा शोक व्याप्त है।












