छठ महापर्व की तैयारी जोर पर: घाटों की सफाई और सजावट पूरी, नगर निगम ने की व्यवस्था पुख्ता

रायगढ़। पूर्वांचल समाज के लोगों ने लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी श्रद्धालु उत्साहपूर्वक इस पर्व की तैयारी में जुटे हैं। नदी-नालों और तालाबों के किनारे बने घाटों की सफाई और सजावट का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। वहीं, कई परिवार घरों में भी पूजा की व्यवस्था कर रहे हैं।
चार दिवसीय छठ पर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर को नहाय-खाय से होगी और 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होगी। 26 अक्टूबर को खरना का प्रसाद बनाकर छठी मइया को भोग लगाया जाएगा, जिसके बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होगा। 27 और 28 अक्टूबर को डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
नगर निगम की तैयारियां पूरी
नगर निगम ने जुटमिल स्थित छठ घाट, बेलादुला खर्राघाट सहित शहर के प्रमुख घाटों की सफाई और रंग-रोगन का कार्य पूरा कर लिया है। आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि शुक्रवार तक सभी तैयारी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। सभी घाटों पर बिजली व्यवस्था, लाइटिंग और झालर लगाने का कार्य भी जारी है।
शहरभर में छठ पूजा का उत्सव
औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण रायगढ़ में पूर्वांचल समाज के लोगों की संख्या अधिक है, जिसके चलते छठ पूजा का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। जुटमिल छठ घाट, बेलादुला खर्राघाट, संतोषी मंदिर, छातामुड़ा गणेश तालाब, जयसिंह तालाब, भगवानपुर और किरोड़ीमल क्षेत्र में व्रती महिलाएं पूजा करेंगी।
आदर्श नवयुवक छठ पूजा समिति के मनीष शर्मा ने बताया कि उच्चभिठी घाट पर इस वर्ष 300 से अधिक व्रती पहुंचेंगे। समिति के सदस्य घाटों की सफाई, लाइटिंग और सजावट के कार्य में जुटे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
25 अक्टूबर को नहाय-खाय से होगी शुरुआत
छठ पूजा की शुरुआत 25 अक्टूबर की सुबह नहाय-खाय के साथ होगी। उस दिन सूर्योदय 5:57 बजे और सूर्यास्त 5:29 बजे होगा। नगर निगम और स्थानीय समितियां श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, सफाई और रोशनी की विशेष व्यवस्था कर रही हैं, ताकि यह पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो सके।












