‘उड़ान’ थीम के साथ अशोका पब्लिक विद्यालय का 10वां वार्षिक महोत्सव संपन्न

कवर्धा । अशोका पब्लिक विद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय 10वां वार्षिक महोत्सव इस वर्ष ‘उड़ान’ थीम के साथ न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि बच्चों के सपनों, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का सशक्त मंच बनकर सामने आया। विद्यालय परिसर इन तीन दिनों तक शिक्षा, संस्कार और रचनात्मकता का जीवंत उदाहरण नजर आया।
महोत्सव के प्रथम दिवस टीम हरितिमा कवर्धा, चिकित्सक डॉ. गजेन्द्र सिंह, शिक्षक आदित्य श्रीवास्तव, समाजसेवी निर्मल द्विवेदी सहित पालक प्रतिनिधि रामशरण चंद्रवंशी, गजाधर वर्मा और दिनेश चंद्रवंशी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। द्वितीय दिवस कृषि वैज्ञानिक चेतन साहू, कथक महागुरु नाथू सिंह (रायगढ़), जिला क्रीड़ा अधिकारी डी.के. साहू, स्काउट एंड गाइड जिलाधिकारी अजय चंद्रवंशी, क्रिकेट लेखक व कमेंटेटर नितेश छाबड़ा तथा पालक प्रतिनिधि गजानंद चंद्रवंशी व हरजीत सिंह वधावा शामिल हुए। तृतीय दिवस के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. अजय मंडावी (बस्तर) रहे। उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, सतविंदर पाहुजा, संतोषी श्रीवास, उमंग पांडे और अभिभावक रमेश चंद्रवंशी उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों का स्वागत विद्यालय के स्काउट-गाइड्स द्वारा मार्चपास्ट तथा छात्र संसद के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की अनूठी शिक्षण व्यवस्था विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें पूरे स्कूल को भारत देश और प्रत्येक कक्षा को एक राज्य के रूप में दर्शाया गया है। विद्यालय में सांसद-विधायक चुनाव, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जज, कलेक्टर और एसपी जैसी जिम्मेदारियों के माध्यम से बच्चों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक समझ दी जाती है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व, उत्तरदायित्व और नागरिक कर्तव्यों का विकास करना है।
मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. अजय मंडावी ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि अशोका पब्लिक स्कूल केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त पाठशाला है। उन्होंने बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने के प्रयासों के लिए प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा और कवर्धावासियों का आभार भी प्रकट किया।
विद्यालय संचालक पवन देवांगन ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालय में रटने की प्रणाली से हटकर व्यावहारिक और अवधारणात्मक शिक्षा दी जा रही है, जिससे बच्चे आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और नैतिक रूप से मजबूत बनें। वहीं विद्यालय संचालिका सारिका देवांगन ने बताया कि कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उनका सतत प्रयास है और इसी क्रम में इस वर्ष से न्यूनतम शुल्क पर बालक एवं बालिका दोनों के लिए हॉस्टल सुविधा प्रारंभ की गई है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के तीनों प्राचार्यों द्वारा हिंदी और अंग्रेजी में विद्यालय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, नीट में चयनित छात्रों और बोर्ड टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। त्रिदिवसीय वार्षिक खेल उत्सव के विजेताओं को भी मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। ऑल ओवर चैंपियन का खिताब रेड हाउस (महाराणा हाउस) ने जीता, जबकि येलो हाउस (समुद्रा हाउस) द्वितीय स्थान पर रहा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्टाफ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
इसके बाद ‘उड़ान’ थीम पर आधारित नृत्य, नाटक, समूहगान, देशभक्ति लोकनृत्य और कराते स्टंट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों और पालकों द्वारा आयोजित आनंद मेले में पाककला के स्टॉल भी खास आकर्षण रहे। भूतपूर्व छात्र सम्मेलन में पूर्व छात्रों को शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन हेड मिस्ट्रेस अनुपमा शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरा महोत्सव अनुशासन, सौहार्द और उत्साह का प्रेरक उदाहरण बनकर यादगार रहा।












