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शिक्षा सत्र 2026-27 की पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण पर पाठ्यपुस्तक निगम का स्पष्टीकरण

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छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण सम्बन्धित सभी निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनसीईआरटी के मानकों तथा राज्य शासन एवं एससीईआरटी के निर्देशों के अनुरूप लिए गए हैं।

निगम द्वारा स्पष्ट किया गया कि कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी आधारित है तथा एनसीईआरटी और एससीईआरटी के बीच हुए अनुबंध में आंतरिक पृष्ठों के मुद्रण हेतु 80 जीएसएम कागज के उपयोग का स्पष्ट प्रावधान है।

इस अनुबंध में यह भी उल्लेख है कि पाठ्यपुस्तकों की प्रिंट क्वालिटी, दीर्घकालिक स्थायित्व और पठनीयता को बनाए रखने के लिए 80 जीएसएम टेक्स्ट पेपर तथा 220 जीएसएम कवर पेपर का उपयोग किया जाना चाहिए। इसलिए कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों के लिए 80 जीएसएम और कक्षा 9 एवं 10 के लिए 70 जीएसएम कागज का उपयोग किया जा रहा है। यह निर्णय निगम स्तर पर अकेले नहीं लिया गया बल्कि अनुबंधीय प्रावधानों और शैक्षणिक मानकों के पालन में लिया गया है।

निगम के अधिकारियों ने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 1 से 8 तक विषयों की संख्या में वृद्धि की गई है। पूर्व सत्र में 134 विषयों के स्थान पर आगामी सत्र में 144 विषयों की पुस्तकों का मुद्रण प्रस्तावित है। कक्षा 4 एवं कक्षा 7 में विषय वृद्धि शासन तथा एससीईआरटी के निर्णय के आधार पर की गई है। विषयों की संख्या बढ़ने के कारण कागज की आवश्यकता में स्वाभाविक वृद्धि हुई है, किंतु यह वृद्धि योजनाबद्ध और अनुमोदित प्रक्रिया के माध्यम से ही की गई है।

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