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बेमेतरा कलेक्ट्रेट के सामने ठेकेदार ने की आत्मदाह की कोशिश, सुरक्षा जवानों की सतर्कता से बची जान

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बेमेतरा । बेमेतरा जिले में बुधवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के ठीक सामने एक ठेकेदार ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षा जवानों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और युवक की जान बचा ली गई।

आत्महत्या का प्रयास करने वाले युवक की पहचान आरिफ बाठिया के रूप में हुई है, जो पेशे से ठेकेदार बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार आरिफ ने कृषि विभाग के लिए एक शासकीय भवन का निर्माण कार्य पूरा किया था। ठेकेदार का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा हुए लगभग एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो भवन का हैंडओवर लिया गया है और न ही उसे उसके कार्य का भुगतान किया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरिफ ने कलेक्ट्रेट परिसर के सामने खुद पर पेट्रोल डाल लिया और माचिस जलाने ही वाला था, तभी वहां तैनात सुरक्षा जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके हाथ से माचिस छीन ली और उसे काबू में कर सुरक्षित स्थान पर ले गए। इस घटना से कुछ देर के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया।

विभागीय अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप
आरिफ बाठिया ने आरोप लगाया है कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उसने बताया कि भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद विभाग द्वारा एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी नहीं की जा रही है, जिसके कारण भुगतान अटका हुआ है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे ठेकेदार का कहना है कि वह पिछले एक साल से विभाग के चक्कर काट रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है।

ठेकेदार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी वह कृषि विस्तार अधिकारी आर.के. चतुर्वेदी से संपर्क करता है, तो उसे मंत्री दयालदास बघेल का नाम लेकर डराया जाता है। उसका दावा है कि उसे बताया गया कि मंत्री स्तर से ही एनओसी देने से मना किया गया है, इसलिए भुगतान संभव नहीं है।

आरिफ का कहना है कि भुगतान न मिलने और लगातार मानसिक दबाव के कारण उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है और परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। कर्ज और जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे होने के कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की।

प्रशासन और पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। युवक को समझाइश देकर शांत कराया गया। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और संबंधित विभाग से जवाब तलब किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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