Uncategorised

SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप, 31 जनवरी तक समय-सीमा बढ़ाने की मांग

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। सोमवार को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए दावा-आपत्ति प्रक्रिया में अवरोध, लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायत की। साथ ही उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फॉर्म-6, फॉर्म-7 एवं दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की समय-सीमा 31 जनवरी 2026 तक बढ़ाने की मांग की है।

फॉर्म-7 स्वीकार नहीं करने के आरोप
डॉ. मिश्रा ने अपने ज्ञापन में कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भाजपा द्वारा नियुक्त बीएलए (BLA) और मतदाताओं द्वारा फॉर्म-7 के माध्यम से दावा-आपत्ति दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कई स्थानों पर निर्वाचन अधिकारियों (ERO) और बीएलओ (BLO) द्वारा फॉर्म-7 लेने से इनकार किया जा रहा है या बिना ठोस कारणों के उन्हें निरस्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे मनगढ़ंत और निराधार बताते हुए गंभीर आपत्ति जताई।

दावा-आपत्ति केंद्रों में BLO की अनुपस्थिति
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कई दावा-आपत्ति केंद्रों में नियुक्त बीएलओ मौजूद ही नहीं रहते। इसके अलावा, बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन की प्रक्रिया भी नहीं अपनाई जा रही है। कई केंद्रों में फॉर्म-7 उपलब्ध नहीं होने के कारण मतदाताओं को दावा-आपत्ति का अवसर नहीं मिल पा रहा है, जिससे पात्र मतदाताओं के नाम नहीं जुड़ पा रहे और अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से नहीं कट पा रहे हैं।

शिकायतों पर नहीं हो रही सुनवाई
डॉ. मिश्रा ने कहा कि जब इन मुद्दों को लेकर ERO या जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टरों) से शिकायत की जाती है, तो उस पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 को स्वीकार न करना या निराधार रूप से खारिज करना SIR प्रक्रिया और संविधान में निहित मतदाताओं के अधिकारों का उल्लंघन है।

संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप

भाजपा के ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत दायित्वों की अनदेखी की जा रही है। पार्टी का कहना है कि कुछ ERO और BLO परोक्ष उद्देश्यों से राजनीतिक दलों और मतदाताओं को उनके वैधानिक व संवैधानिक अधिकारों से वंचित कर रहे हैं, जिससे मतदाता सूची के निर्माण, पुनरीक्षण और शुद्धिकरण का उद्देश्य ही विफल हो रहा है।

31 जनवरी तक समय बढ़ाने की मांग
इन परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि दावा-आपत्ति और नाम विलोपन के लिए फॉर्म प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 तक बढ़ाई जाए, ताकि सभी पात्र मतदाताओं को न्यायोचित अवसर मिल सके और SIR प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button