रायगढ़ में NTPC रेल लाइन भू-अर्जन विवाद, मूल नक्शे में छेड़छाड़ का आरोप; प्रभावित को मुआवजा नहीं, अपात्र को लाभ

तत्कालीन पटवारी और आरआई पर लगाया गया मनमानी का आरोप, अब तक जांच नहीं हुई
जिला प्रशासन से कई बार शिकायत के बावजूद निष्क्रियता, पीड़ित ने वित्त मंत्री तक पहुंचाई शिकायत्कालीन पटवारी और आरआई पर लगाया गया मनमानी का आरोप, अब तक जांच नहीं हुई
जिला प्रशासन से कई बार शिकायत के बावजूद निष्क्रियता, पीड़ित ने वित्त मंत्री तक पहुंचाई शिकायत
रायगढ़।छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एनटीपीसी तिलाईपाली से लारा तक रेल लाइन के भू-अर्जन मामले में जमीन के मूल नक्शे में कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। प्रभावित भूमि का मुआवजा अपात्रों को दिया गया जबकि वास्तविक पात्र वंचित रह गए।
ग्रामीण चंद्रमा भोय ने बताया कि वर्ष 2014-15 में रेल लाइन निर्माण हेतु जिला मुख्यालय से लगे ग्राम जुर्डा में राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने भूमि अर्जन प्रक्रिया में मनमानी की। शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुंचीं, लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई।
चंद्रमा ने कहा कि उनके पिता अंकुर भोय की भूमि (खसरा नंबर 293/3 एवं 293/8) के लिए उनके भाई उग्रसेन और सुरेशन ने आवेदन दिया और पिता की दोनों पुत्रियों मून एवं सपना का नाम हटवा दिया। विवाद के बावजूद मूल नक्शे में भूमि के स्थान को बार-बार बदला गया, और मुआवजा राशि 28,40,141 रुपये तथा पुनर्वास के 5 लाख रुपये अपात्रों को दे दिए गए।
पीड़ित ने शिकायत कलेक्टर जनदर्शन और वित्त मंत्री तक पहुंचाई। वित्त मंत्री ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई टीम गठित नहीं की गई।
एसडीएम रायगढ़ महेश शर्मा ने कहा कि यदि शिकायत की गई है, तो निश्चित तौर पर जांच होगी। उन्होंने कहा कि प्रकरण का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर जानकारी दी जाएगी।
मुख्य बिंदु:
- NTPC रेल लाइन भू-अर्जन में मूल नक्शे में कथित छेड़छाड़ का आरोप
- प्रभावित भूमि का मुआवजा अपात्रों को दिया गया, वास्तविक पात्र वंचित
- तत्कालीन पटवारी और आरआई पर मनमानी का आरोप
- जिला प्रशासन और वित्त मंत्री को शिकायत, लेकिन अब तक जांच नहीं
- एसडीएम ने जांच का आश्वासन दिया












