CBSE बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव: 12वीं की कॉपियों की जांच अब ऑन-स्क्रीन, खत्म होगी मैनुअल मूल्यांकन

रायपुर/नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कक्षा 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच अब पारंपरिक मैनुअल पद्धति से नहीं, बल्कि On Screen Marking System (OSMS) के माध्यम से की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य मूल्यांकन में एकरूपता, गति और पारदर्शिता को बढ़ाना है।
क्या बदलेगा मूल्यांकन का तरीका
नई व्यवस्था के तहत छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं को हाई-क्वालिटी स्कैन कर सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। परीक्षक कंप्यूटर या लैपटॉप स्क्रीन पर उत्तर देखकर वहीं अंक प्रदान करेंगे। पूरी प्रक्रिया CBSE की निर्धारित मार्किंग स्कीम के अनुरूप होगी, ताकि जांच में मानकीकरण बना रहे।
OSMS से क्या होंगे सीधे फायदे
CBSE के अनुसार, डिजिटल मूल्यांकन से
उत्तरपुस्तिकाओं के ट्रांसपोर्ट की जरूरत खत्म होगी,
मूल्यांकन समय घटेगा और परिणाम जल्दी घोषित किए जा सकेंगे,
मानवीय भूल की संभावना कम होगी,
पूरी जांच डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
छात्रों को कैसे मिलेगा लाभ
नई प्रणाली में परीक्षक उत्तर की प्रक्रिया, स्टेप्स, लॉजिक और आवश्यक शब्दावली के आधार पर अंक देंगे। इससे उन छात्रों को लाभ मिलेगा जिन्होंने सही विधि से उत्तर लिखा है, भले ही अंतिम उत्तर में हल्का अंतर क्यों न हो।
पुनर्मूल्यांकन और मॉडरेशन होगा आसान
ऑन-स्क्रीन सिस्टम से मॉडरेशन और क्रॉस-वेरिफिकेशन में कम समय लगेगा। एक ही उत्तर पर अलग-अलग अंक मिलने की समस्या घटेगी और किसी भी संभावित अन्याय की पहचान तुरंत हो सकेगी।
पृष्ठभूमि और महत्व
देशभर में बढ़ती परीक्षार्थियों की संख्या और समयबद्ध परिणामों की जरूरत को देखते हुए CBSE का यह कदम डिजिटल एजुकेशन गवर्नेंस की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे परीक्षा प्रणाली पर विश्वास और निष्पक्षता दोनों मजबूत होंगी।












