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रायगढ़ में महाशिवरात्रि को लेकर शिवालय सजे, विशेष योग में होगा रुद्राभिषेक और महाभंडारा

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सप्ताहभर चली तैयारियां पूरी, मंदिरों में रंग-रोगन और आकर्षक सजावट

रायगढ़। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शहर सहित अंचल के शिवालयों में बीते एक सप्ताह से तैयारियां चल रही थीं, जो शनिवार देर शाम तक पूरी कर ली गईं। कहीं रंग-रोगन तो कहीं रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक लाइटों से मंदिरों को सजाया गया है। शाम ढलते ही शिवालयों की जगमगाहट श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल का विशेष अहसास करा रही है।


रुद्राभिषेक, महाभंडारा और भोलेनाथ की बारात की तैयारी पूरी

इस बार महाशिवरात्रि पर शहर के कई मंदिरों में रुद्राभिषेक, अखंड पूजन और महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा। कुछ स्थानों पर भगवान भोलेनाथ की बारात निकालने की भी तैयारी की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।


300 साल बाद चतुग्रही संयोग में पड़ रहा पर्व, कई शुभ योगों का बन रहा विशेष मेल

पंडितों के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि रविवार को 300 साल बाद चतुग्रही संयोग में पड़ रही है। इस अवसर पर प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, सर्वार्थसिद्ध, साध्य, शिव, शुक्ल, चंद्र-मंगल, त्रिग्रही, राज और ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। 15 फरवरी को सूर्य, शुक्र, राहु और बुध ग्रहों की युति का विशेष संयोग भी रहेगा। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इन शुभ योगों में भगवान शिव और मां पार्वती की विधिवत पूजा, व्रत और रुद्राभिषेक करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।


कोसमनारा बाबा धाम और गौरीशंकर मंदिर में विशेष व्यवस्था

कोसमनारा स्थित सत्यनारायण बाबा धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पहले से ही बेरिकेट्स लगा दिए गए हैं, ताकि दर्शन में किसी को असुविधा न हो। शहर के हृदय स्थल पर स्थित गौरीशंकर मंदिर में भी विशेष रुद्राभिषेक की तैयारी पूरी हो चुकी है। रविवार सुबह से यहां पूजा-पाठ और अभिषेक का क्रम शुरू हो जाएगा।


क्यों खास है महाशिवरात्रि का पर्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती पृथ्वीलोक पर भ्रमण करते हैं। इस दिन की गई शिव पूजा को एक हजार अश्वमेघ यज्ञ और सैकड़ों वाजपेयी यज्ञ के समान पुण्यदायी बताया गया है। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन के कष्ट, बीमारी, पीड़ा व भय दूर होते हैं।


फूल-माला की बढ़ी बिक्री, बाजारों में दिखा उत्साह

महाशिवरात्रि रविवार को होने के कारण श्रद्धालुओं ने एक दिन पहले से ही पूजन सामग्री की खरीदारी शुरू कर दी। गौरीशंकर मंदिर के बाहर शनिवार दोपहर से ही फूल-माला की दुकानें सज गई थीं। साप्ताहिक बाजार के चलते रविवार को भीड़ बढ़ने की आशंका के कारण लोगों ने पहले ही खरीदारी कर ली, ताकि सुबह से निर्बाध पूजा कर सकें।


अखंड रुद्राभिषेक में शामिल होकर भक्त बनेंगे पुण्य के भागी

शहर और अंचल के विभिन्न शिवालयों में अखंड रुद्राभिषेक का आयोजन रखा गया है। भक्तगण इसमें शामिल होकर पूजा-अर्चना करेंगे और पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। महाशिवरात्रि को लेकर शहर में उत्साह और आस्था का विशेष माहौल बना हुआ है।

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