Uncategorised

डूरंड लाइन पर बढ़ा तनाव, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का किया दावा

Advertisement

अफगानिस्तान की तालिबान-नेतृत्व वाली सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की है। यह कार्रवाई कथित तौर पर हाल ही में हुए उस हमले के जवाब में की गई है, जिसमें अफगानिस्तान के 19 लोगों की मौत हुई थी।

अफगान पक्ष के अनुसार, उनकी सेना ने पाकिस्तान की 19 चौकियों और एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है तथा 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। इनमें से 23 शव बरामद किए जाने और कुछ सैनिकों को जिंदा पकड़े जाने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा हथियार, एक टैंक और अन्य सैन्य उपकरण जब्त करने की बात कही गई है।

यह दावा अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने किया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


डूरंड लाइन को लेकर पुराना विवाद

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2611 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे डूरंड लाइन कहा जाता है, लंबे समय से विवाद का विषय रही है। अफगानिस्तान इस सीमा को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता, जबकि पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है।

पाकिस्तान ने कई बार अफगानिस्तान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को पनाह देने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान का कहना है कि यह संगठन उसके भीतर आतंकी हमलों को अंजाम देता है। इन आरोपों और सीमा विवाद के चलते पिछले वर्ष दिसंबर से दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्रों में तनाव और झड़पें बढ़ी हैं।


किन क्षेत्रों में जारी है सैन्य अभियान

अफगान दावे के मुताबिक, कार्रवाई पक्तिया, पक्तिका, खोस्त, कुनार, नूरिस्तान, नंगरहार और तोरखम गेट जैसे सीमावर्ती इलाकों में की गई है। यह अभियान तथाकथित “इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान” की 203 मंसूरी कोर और 201 खालिद बिन वालिद कोर के जरिए चलाया गया।

साथ ही बताया गया है कि सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ फसीहुद्दीन फितरत इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।


आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल यह जानकारी अफगान सरकार के दावों पर आधारित है। पाकिस्तान की ओर से इन दावों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सीमा पर बढ़ता तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button