केंद्रीय जेल दुर्ग में मनाया गया विश्व पृथ्वी दिवस, कैदियों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पर्यावरण जागरूकता के साथ सुधार और जिम्मेदारी पर जोर
दुर्ग में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर केंद्रीय जेल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिव्य संस्कार शिक्षण सेवा संस्थान के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और कैदियों को सकारात्मक जीवन मूल्यों के लिए प्रेरित करना रहा।
मुख्य वक्ता दिलेश्वर उमरे ने कहा कि जेल में रह रहे कैदी भी पृथ्वी संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कारावास केवल सजा नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और सुधार का अवसर है। छोटे-छोटे प्रयास जैसे स्वदेशी उत्पादों का उपयोग, स्वच्छता बनाए रखना और समानता का भाव अपनाना समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
कैदियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक मनीष संभाकर की विशेष उपस्थिति रही, जबकि संचालन नितेश सिंह ने किया। बड़ी संख्या में मौजूद कैदियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया और स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण बनाए रखने की जिम्मेदारी समझी।
पृथ्वी बचाने का सामूहिक संदेश
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है, जिसका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। स्वच्छ जल, सुरक्षित भूमि और संतुलित पर्यावरण को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाए रखना जरूरी है।
हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है पृथ्वी दिवस
उल्लेखनीय है कि विश्व पृथ्वी दिवस हर वर्ष 22 अप्रैल को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1970 में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हुई थी और आज यह एक वैश्विक अभियान बन चुका है, जिसमें करोड़ों लोग भाग लेते हैं।






