खरसिया में रमेश चौहान की थाने में पूछताछ के दौरान मौत, परिजन भड़के और किया चक्का जाम

परसकोल हत्याकांड जांच के दौरान संदिग्ध रमेश की मौत ने मचाई सनसनी
खरसिया। रायगढ़ जिले के परसकोल हत्याकांड की जांच के दौरान संदिग्ध के तौर पर थाने बुलाए गए रमेश चौहान (45 वर्ष) की 03 मार्च को रायपुर के डीकेएस अस्पताल में मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैलाया और ग्रामीणों ने एनएच 49 पर चक्का जाम कर विरोध जताया।

पूछताछ की शुरुआत और घटनाक्रम
परसकोल गांव में खेत में 35 वर्षीय अनिल चौहान की लाश मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। रमेश चौहान को 2 मार्च को थाने बुलाया गया, जहां दिनभर पूछताछ चली और वह रात में घर लौटा। अगले दिन सुबह फिर से थाने बुलाए जाने पर कुछ ही घंटों में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

परिजन पहुंचे एसडीएम कार्यालय, लगाए संगीन आरोप
परिजनों ने रमेश को पिकअप में लादकर एसडीएम प्रवीण तिवारी के कार्यालय पहुंचाया। वहां उसकी पत्नी और भाई ने पुलिस पर बर्बरता और प्रताड़ना के आरोप लगाए। एसडीएम ने तुरंत 5000 रुपये आर्थिक मदद दी और बेहतर इलाज के लिए रेफर किया।

पुलिस ने दी सफाई, कहा रमेश नशे में था
एसडीओपी प्रभात पटेल ने वीडियो बयान में कहा कि रमेश आदतन शराबी था और अत्यधिक नशे की स्थिति में थाने पहुंचा। पुलिस ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान कोई मारपीट नहीं हुई और परिजनों को तुरंत सूचना दी गई।
डेथ सर्टिफिकेट में खुलासा, दिमाग में रक्तस्राव मुख्य कारण
डीकेएस अस्पताल द्वारा जारी डेथ सर्टिफिकेट में रमेश की मौत का कारण ‘इंट्रापैरेन्काइमल हेमरेज’ बताया गया। मेडिकल जानकारों के अनुसार, यह तब होता है जब सिर पर गंभीर चोट लगती है या अत्यधिक मानसिक तनाव और भय के कारण ब्लड प्रेशर असामान्य स्तर पर पहुंच जाता है।
मजिस्ट्रियल जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का आश्वासन
ग्रामीणों द्वारा किए गए चक्का जाम के दौरान एसडीएम प्रवीण तिवारी, एसडीओपी प्रभात पटेल और विधायक उमेश पटेल मौके पर पहुंचे। विधायक ने उच्च स्तरीय जांच और मृतक के परिजनों को मुआवजा व नौकरी देने की मांग रखी। एसडीएम ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने और आवेदन को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। पुलिस विभाग ने खरसिया थाना प्रभारी को लाइन अटैच करने का भी आश्वासन दिया।






