हनुमान जयंती 2026: शुभ योग में देशभर में उमड़ी श्रद्धा, मंदिरों में भक्तों की भीड़

भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली हनुमान जयंती इस वर्ष 2 अप्रैल 2026 को देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। चैत्र पूर्णिमा की उदया तिथि के आधार पर यह पर्व आज मनाया जा रहा है, जिससे मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
🔹 शुभ योगों का विशेष संयोग
इस बार हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ध्रुव योग स्थिरता और सफलता का प्रतीक है, जबकि हस्त नक्षत्र पूजा-पाठ और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस संयोग को भक्तों के लिए विशेष फलदायी बताया जा रहा है।
🔹 पूजा के प्रमुख शुभ मुहूर्त
हनुमान जयंती पर पूजा-अर्चना के लिए दिनभर कई शुभ समय निर्धारित किए गए हैं—
- प्रातः 6:10 से 7:44 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त 4:38 से 5:24 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त 12:00 से 12:50 बजे तक
- सायं 6:39 से 8:06 बजे तक
इन मुहूर्तों में की गई पूजा को अत्यंत फलदायी माना जाता है।
🔹 पूजा विधि और आस्था
भक्त सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और भगवान हनुमान की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित करते हैं। उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल, गुड़ और चने का भोग लगाया जाता है। इसके बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ किया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा जीवन की बाधाओं को दूर करती है और शक्ति व साहस प्रदान करती है।
🔹 देशभर में भक्ति का माहौल
हनुमान जयंती पर देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर भगवान हनुमान के दर्शन कर रहे हैं।






