छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ वन विभाग पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप: किसान से पैसे लेने की शिकायत, सरपंच ने कहा—तस्करों पर मेहरबान है फॉरेस्ट विभाग

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CG Forest Department Rishwat: छत्तीसगढ़ के पाटन से एक भ्रष्टाचार का मामला सामने आ रहा है।  जहां, वन विभाग पर लकड़ी तस्करी के मामला में किसान से रिश्वत लेने के साथ बड़े तस्करों पर कारवाई ना करने के भी आरोप लग रहे हैं। मामला सामने आने के बाद से वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। फिलहाल मामले में कोई कार्यवाई नहीं की गई है।

wood smuggling
लकड़ी तस्करी

किसान से रिश्वत लेने का आरोप

बता दें मामला छत्तीसगढ़ के पाटन का है, जहां एक किसान जलाऊ लड़की को लेकर जा रहा था, किसान के मुताबिक वहीं वन विभाग के कुछ अधिकारियों ने रोके और उसकी गाड़ी को छोड़ने के लिए 8 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। साथ ही  किसान ने का यह भी कहना है की पूरे गांव भर में लाखों लकड़ियां खुली पड़ी हैं।

सरपंच ने लगाय गंभीर आरोप

दरअसल, गांव के  सरपंच रिंकू शर्मा का कहना है की वन विभाग के तस्करों के ऊपर महरबान रहता है, साथ ही किसान को परेशान किया जा रहा है जबकि गांव में खुलेआम लाखों क्विंटल लकड़ी के गोले लकड़ी तस्करों द्वारा काटकर रखे गए हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सरपंच ने बताया कि किसान को जलाऊ लकड़ी काटकर ले जाने के लिए बाकायदा अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दिया गया था।

sarpanch rinku sharma
सरपंच रिंकू शर्मा

वन विभाग पर खड़े हो रहे बड़े सवाल

मामला सामने आने के बाद से ही पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और फॉरेस्ट विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। छत्तीसगढ़ में लकड़ी तस्करी की घटनाएं आय दिन सामने आती रहती है। अब ऐसे में यह मामला वन विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है।

DFO दुर्ग दीपेश कपिल का बयान 

DFO दुर्ग दीपेश कपिल ने कहा कि गाड़ी में प्रतिबंधित अर्जुनी और जलाऊ लकड़ी थी जिस पर कारवाई की गई क्योंकि अर्जुनी प्रतिबंधित लकड़ी है। रही बात 8हज़ार देने की तो अगर इसका कोई भी साक्ष्य मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी लेकिन शिकायतकर्ता ने ऐसा कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

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