छत्तीसगढ़

रायपुर गांजा तस्करी केस में बड़ा एक्शन: ‘गांजा किंगपिन’ रवि साहू की 7 करोड़ की संपत्ति सीज, परिवार के नाम 16 प्रॉपर्टी पर पुलिस की कार्रवाई

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Raipur Ganja smuggler property seized: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रायपुर पुलिस ने कथित गांजा तस्कर और “गांजा किंगपिन” कहे जाने वाले रवि साहू की करीब 7 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज कर दी है।

यह कार्रवाई NDPS एक्ट और SAFEMA कानून के तहत की गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अवैध गांजा तस्करी से अर्जित काली कमाई से करोड़ों की संपत्तियां बनाई थीं।

रायपुर कमिश्नरेट ने मामले का प्रतिवेदन मुंबई स्थित SAFEMA कोर्ट को भेजा था, जिसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। खास बात यह है कि NDPS एक्ट के तहत रायपुर में इस तरह की यह पहली बड़ी संपत्ति जब्ती कार्रवाई मानी जा रही है।

परिवार के नाम पर खरीदी गई थीं करोड़ों की संपत्तियां

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रवि साहू ने अपनी पत्नी, बेटे और मां के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी थीं। कुल 16 प्रॉपर्टी को सील किया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि यह सभी संपत्तियां अवैध नशे के कारोबार से कमाए गए पैसों से बनाई गई थीं। रायपुर पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से कालीबाड़ी इलाके से पूरे प्रदेश में गांजा सप्लाई करने का नेटवर्क चला रहा था।

जांच एजेंसियों ने बैंक खातों, जमीन के दस्तावेज और आर्थिक लेनदेन की विस्तृत पड़ताल के बाद यह कार्रवाई की है। इस मामले ने शहर में अवैध नशे के कारोबार और उससे जुड़ी काली कमाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

NDPS एक्ट के तहत रायपुर की पहली बड़ी कार्रवाई

रायपुर पुलिस का कहना है कि NDPS एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती की यह कार्रवाई भविष्य के लिए बड़ा संदेश है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि नशे के कारोबार से बनाई गई संपत्तियों पर भी सख्ती की जाएगी।

डीसीपी सेंट्रल उमेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी रवि साहू के खिलाफ पहले से कुल 55 मामले दर्ज हैं। इनमें नशा तस्करी, अवैध कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े केस शामिल हैं।

पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से प्रदेश में सक्रिय अन्य तस्करों पर भी दबाव बनेगा। छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में गांजा तस्करी के कई बड़े नेटवर्क सामने आए हैं, जिन पर लगातार कार्रवाई जारी है।

कालीबाड़ी से चल रहा था प्रदेशभर में नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का नेटवर्क रायपुर के कालीबाड़ी इलाके से संचालित हो रहा था। यहां से राज्य के अलग अलग जिलों में गांजा सप्लाई किया जाता था।

पुलिस को लंबे समय से आरोपी की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद आर्थिक जांच शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने अपने कारोबार को छिपाने के लिए संपत्तियां परिवार के अलग अलग सदस्यों के नाम पर खरीदी थीं।

अब इन सभी संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया गया है। रायपुर पुलिस का दावा है कि आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ राज्य सरकार और पुलिस की सख्त नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

नशे के खिलाफ अभियान में क्यों अहम है यह कार्रवाई?

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी करने से नशे का कारोबार पूरी तरह नहीं रुकता, बल्कि उसकी आर्थिक जड़ पर चोट करना ज्यादा असरदार होता है। इसी वजह से रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इससे उन लोगों को बड़ा संदेश गया है जो अवैध कारोबार से संपत्ति बनाकर सुरक्षित रहने की कोशिश करते हैं। आम लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा है, क्योंकि शहर में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह आर्थिक जांच के जरिए बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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