‘सुशासन तिहार-2026’ के समाधान शिविर में प्रशासन का बड़ा पहल: फाइलों से निकलकर सीधे जनता के बीच पहुंचा अमला, समस्याओं के मौके पर समाधान का दावा

3,021 अर्जियां और ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन
बारीकी से पड़ताल करने पर इस शिविर की सफलता के आंकड़े चौंकाने वाले मिले। एक ही दिन में कुल 3,021 आवेदन.दर्ज किए गए। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि प्रशासन ने केवल कागजी औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि 164 जटिल समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण कर पीड़ितों को तुरंत राहत दी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने खुलासा किया कि जिले में ऐसे 40 शिविरों के जरिए लगभग 120 प्रकार की सरकारी सेवाएं सीधे जनता तक पहुंचाई जा रही हैं।
धरातल पर योजनाओं का ‘एक्स-रे’
मुख्य अतिथि और जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने शिविर के स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने साफ संदेश दिया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार का फोकस ‘अंतिम व्यक्ति’ पर है। मंत्री वर्मा ने सरकार के प्रमुख फैसलों का हिसाब देते हुए कहा: पहली ही कैबिनेट में 18 लाख गरीबों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए। 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और बोनस का सीधा लाभ.किसानों को।मिला। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को सीधे आर्थिक मजबूती।
सिर्फ आश्वासन नहीं, हाथों-हाथ मिला हक
जांच में सामने आया कि यह शिविर सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं था। मंच से लेकर स्टॉलों तक सीधे हितग्राहियों को लाभ बांटा जा रहा था। किसी को नई ‘किसान किताब’ और कृषि स्प्रे यंत्र मिले, तो किसी मछुआरे को आईसबॉक्स और जाल। महिला बाल विकास विभाग ने सुपोषण और स्वच्छता किट बांटी, तो समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल और बुजुर्गों को व्हीलचेयर सौंपकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी। नए राशन कार्डों का वितरण भी हाथों-हाथ किया गया।
विधायक ओंकार साहू, पूर्व विधायक रंजना साहू और एसपी सूरज सिंह परिहार सहित आला अधिकारियों की मौजूदगी यह साफ बयां कर रही थी कि इस बार प्रशासन जनसमस्याओं के दलदल को खत्म करने के लिए पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है।






