दुष्कर्म पीड़िता मूकबधिर की संदिग्ध मौत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

घटना के बाद सखी सेंटर में रखी गई थी युवती
जानकारी के अनुसार दुष्कर्म की शिकार हुई युवती को 3 अप्रैल को जशपुर स्थित सखी सेंटर लाया गया था। यहां उसकी देखरेख, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं की जा रही थीं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार युवती की नियमित निगरानी की जा रही थी और आवश्यकता पड़ने पर उसका उपचार भी कराया जा रहा था।

12 मई को पेट दर्द की शिकायत
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि 12 मई को युवती को पेट दर्द की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार होने पर उसे पुनः सखी सेंटर भेज दिया गया।
19 मई को अचानक बिगड़ी तबीयत
पोस्टमार्टम में मिलीं संदिग्ध वस्तुएं
मामले में नया मोड़ तब आया जब पोस्टमार्टम के दौरान युवती के शरीर से सेफ्टी पिन और कॉर्क (कॉक) के कुछ हिस्सों जैसी संदिग्ध वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आई। स्वास्थ्य विभाग ने इन वस्तुओं को विस्तृत परीक्षण के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन वस्तुओं का मौत से कोई संबंध है या नहीं।
प्रशासन ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के दौरान सखी सेंटर में युवती की देखभाल, उपचार प्रक्रिया, स्वास्थ्य रिकॉर्ड और मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार दुष्कर्म मामले के आरोपी को 4 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। वहीं मृतक मूकबधिर युवती की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। मेडिकल जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी। इस बीच घटना ने महिला सुरक्षा, संरक्षण गृहों की व्यवस्था और स्वास्थ्य निगरानी को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।







