छत्तीसगढ़

रविशंकर यूनिवर्सिटी का बड़ा शैक्षणिक नवाचार : कंप्यूटर साइंस के साथ अब कानून की भी पढ़ाई, छात्रों को मिलेगा दोहरे ज्ञान का लाभ

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पं. रविशंकर शुक्ल विवि शैक्षणिक सत्र छात्रों को कंप्यूटर साइंस और लॉ की पढ़ाई एक साथ कराएगा। ऐसा करने वाला रविवि तमिलनाडु विवि के बाद देश का दूसरा विवि होगा।

रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विवि शैक्षणिक सत्र छात्रों को कंप्यूटर साइंस और लॉ की पढ़ाई एक साथ कराएगा। ऐसा करने वाला रविवि तमिलनाडु विवि के बाद देश का दूसरा विवि होगा। रविवि में अब तक बीए-एलएलबी की पढ़ाई होती रही है, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीसीए-एलएलबी की भी 27 से बीसीए-एलएलबी की भी पढ़ाई होगी।

तमिलनाडु के डॉ. आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी देश का पहला विवि है, जहां बीसीए-एलएलबी पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई थी। इस पाठ्यक्रम के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अनुमति प्रदान कर दी गई है। विशेष बात यह है कि अनुमति के लिए अवश्यक जांच ऑनलाइन मोड में हुई है। गौरतलब है कि देश के किसी भी हिस्से में कानून संबंधित पाठ्यक्रम के संचालन के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया की अनुमति आवश्यक होती है। सिलेबस तथा अन्य चीजों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। परीक्षा व प्रयोगिक कार्य संबंधित गतिविधियों के लिए भी रूपरेखा बनाई जा चुकी है।

पांच वर्षीय पाठ्यक्रम 60 सीटें
रविवि सहित प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी बीएएलएलबी पाठ्यक्रम ही संचालित है। यह पांच वर्षीय पाठ्यक्रम होता है। इसके शुरुआती दो वर्षों में बीए की पढ़ाई करवाई जाती है। इसके बाद तीन वर्षों में छात्र लॉ की पढ़ाई करते हैं। बीसीए में शुरुआती दो वर्षों में कंप्यूटर एप्लिकेशन की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके बाद के तीन वर्षों में छात्र कानून की पढ़ाई करेंगे। रविवि अध्ययनशाला में लॉ विभाग के अंतर्गत इसका संचालन होगा। शुरुआती बैच में 60 सीटें होंगी।

बीसीआई दे चुका है अनुमति
रविवि के विधि विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव चौधरी ने बताया कि,  हमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमति मिल गई है। यह पाठ्यक्रम विशेष रुप से कॉरपोरेट सेक्टर में मददगार साबित होगा।

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