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HDFC बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें, महंगे होंगे लोन; 8 जून से लागू हुई नई MCLR दरें

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नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक HDFC बैंक ने अपने ग्राहकों को झटका देते हुए MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) में बढ़ोतरी कर दी है। बैंक ने विभिन्न अवधि की MCLR दरों में 10 बेसिस प्वाइंट (0.10%) तक वृद्धि की है। नई दरें 8 जून 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस फैसले के बाद MCLR आधारित होम लोन, पर्सनल लोन और अन्य कर्ज की EMI बढ़ सकती है।

RBI ने रेपो रेट स्थिर रखा, फिर भी महंगा हुआ कर्ज

हाल ही में हुई मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखा था। इसके बावजूद HDFC बैंक ने अपनी MCLR दरों में वृद्धि कर दी है। बैंक का कहना है कि फंड जुटाने की लागत बढ़ने और जमा पर अधिक ब्याज देने के कारण यह फैसला लिया गया है।

नई MCLR दरें लागू

HDFC बैंक की संशोधित ब्याज दरें इस प्रकार हैं—

  • ओवरनाइट MCLR : 8.10%
  • 3 माह की MCLR : 8.20%
  • 6 माह की MCLR : 8.35%
  • 1 वर्ष की MCLR : 8.40%
  • 2 वर्ष की MCLR : 8.55%
  • 3 वर्ष की MCLR : 8.65%

पहले ये दरें 8.05% से 8.60% के बीच थीं, जिन्हें बढ़ाकर 8.10% से 8.65% तक कर दिया गया है।

क्या होता है MCLR?

MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को ऋण प्रदान कर सकते हैं। जब बैंक की फंडिंग लागत बढ़ती है, तो MCLR में भी बढ़ोतरी की जाती है। इसका सीधा असर MCLR से जुड़े लोन की EMI पर पड़ता है।

MCLR और Repo Linked Loan में अंतर

MCLR आधारित लोन बैंक की फंडिंग लागत पर निर्भर होते हैं, जबकि Repo Linked Loan सीधे RBI की रेपो दर से जुड़े होते हैं। रेपो रेट में बदलाव होने पर Repo Linked Loan की ब्याज दरें तेजी से बदलती हैं, जबकि MCLR में बदलाव बैंक समय-समय पर अपने स्तर पर करते हैं।

क्यों बढ़ाई गई ब्याज दर?

विशेषज्ञों के अनुसार बैंकों द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर अधिक ब्याज देने, जमा जुटाने की बढ़ती लागत और नकदी प्रबंधन के दबाव के कारण MCLR में बढ़ोतरी की जाती है। ऐसे में RBI द्वारा रेपो रेट स्थिर रखने के बावजूद बैंक अपने स्तर पर लोन महंगे कर सकते हैं।

EMI पर पड़ेगा असर

MCLR आधारित होम लोन और अन्य कर्ज लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि Repo Linked Loan वाले ग्राहकों पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ेगा।

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