छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती, परिवहन विभाग का विशेष अभियान तेज

रायपुर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में सड़क एवं यात्री सुरक्षा को लेकर व्यापक जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं मानक अनुरूप बनाना है।
350 वाहनों की जांच, 5.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया
अभियान के तहत अब तक लगभग 350 वाहनों की सघन जांच की जा चुकी है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन और विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित वाहन स्वामियों से कुल 5.50 लाख रुपये का समन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है। इसके साथ ही कई मामलों में दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है।
स्लीपर बसों पर विशेष निगरानी, अवैध केबिन और स्लाइडर हटाए जा रहे
परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यात्री बसों, विशेषकर स्लीपर कोच बसों की कड़ाई से जांच सुनिश्चित की जाए।
अभियान के दौरान स्लीपर बसों में किए गए अवैध संशोधनों पर विशेष कार्रवाई की जा रही है, जिसमें—
- क्रू के लिए बनाए गए अवैध विभाजन (पार्टिशन) हटाना
- स्लीपर बर्थ में लगाए गए अनधिकृत स्लाइडर निकालना
- सुरक्षा मानकों के विपरीत बॉडी निर्माण पर कार्रवाई
फायर सेफ्टी और GPS अनिवार्य, दस्तावेजों की गहन जांच
बसों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निम्न मानकों पर विशेष जांच की जा रही है—
- न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता के अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता
- GPS सिस्टम की कार्यशीलता
- फिटनेस, परमिट और पंजीयन दस्तावेजों का सत्यापन
- AIS-119 मानकों के अनुरूप बस बॉडी निर्माण की जांच
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें चालान, परमिट निलंबन और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्यवाही शामिल है।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और एनएचआरसी तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
बस संचालकों के साथ संवाद भी जारी
विभाग केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि जागरूकता और संवाद पर भी जोर दे रहा है। विभिन्न जिलों में बस संचालकों और मालिकों की बैठकें आयोजित कर उन्हें सुरक्षा मानकों का पालन करने की समझाइश दी जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।







