रायगढ़ में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 75,823 लाख रुपये की पंचवर्षीय मेगा योजना तैयार, 4,894 कार्यों से बदलेगा विकास का नक्शा

शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आधारभूत सुविधाओं पर फोकस, 2026-31 तक चलेगा समग्र विकास अभियान
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) के तहत वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए इस योजना में 4,894 विकास कार्यों पर 75,823.45 लाख रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
पारदर्शिता और तकनीक से जुड़ेगा पूरा विकास मॉडल
योजना को पीएम गति शक्ति पोर्टल और ग्राम संपदा पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे कार्यों के क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। विस्तृत सर्वेक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर तैयार यह योजना खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी विकास का रोडमैप मानी जा रही है।
वर्षवार निवेश और चरणबद्ध विकास का खाका
योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 1,251 कार्यों के लिए 25,555.55 लाख रुपये, वर्ष 2027-28 में 957 कार्यों के लिए 12,875.52 लाख रुपये, वर्ष 2028-29 में 971 कार्यों के लिए 12,444.10 लाख रुपये, वर्ष 2029-30 में 841 कार्यों के लिए 12,504.80 लाख रुपये तथा वर्ष 2030-31 में 874 कार्यों के लिए 12,443.48 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को मिली सर्वोच्च प्राथमिकता
शिक्षा क्षेत्र में 1,326 कार्यों के लिए 14,974.52 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में 308 कार्यों के लिए 12,773 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें स्कूलों का उन्नयन, छात्रावास, डिजिटल शिक्षा, अस्पतालों का विस्तार और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
कृषि, जल, महिला विकास और आजीविका पर भी बड़ा निवेश
कृषि क्षेत्र के 139 कार्यों के लिए 5,555.97 लाख रुपये, पशुपालन के लिए 4,054.68 लाख रुपये, कौशल विकास के लिए 3,291.52 लाख रुपये तथा पेयजल आपूर्ति के लिए 10,639.30 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास के लिए 5,725.44 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
पहले वर्ष में 1,251 कार्यों की होगी शुरुआत
वर्ष 2026-27 को निर्णायक वर्ष मानते हुए 25,555.55 लाख रुपये की लागत से 1,251 कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इसमें नए स्कूल, सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाएं और कृषि आधारित परियोजनाएं शामिल हैं।
भौतिक अधोसंरचना और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर
भौतिक अधोसंरचना के तहत सड़क, पुल-पुलिया और संपर्क मार्गों का विस्तार किया जाएगा। वहीं जल आपूर्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के कार्यों को भी प्राथमिकता दी गई है।
डिजिटल निगरानी और परियोजना प्रबंधन इकाई होगी मजबूत
पूरी योजना की निगरानी के लिए जियो-टैगिंग, डिजिटल डैशबोर्ड और KPI आधारित सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके लिए 125 लाख रुपये की लागत से समर्पित परियोजना प्रबंधन इकाई स्थापित की जाएगी।
समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम
यह पंचवर्षीय योजना रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना को मजबूत कर समावेशी और सतत विकास का नया मॉडल तैयार करेगी।







