खरीफ सीजन में खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, 52 बैग DAP जब्त; जिले में अब तक 24 प्रकरण दर्ज

रायगढ़। खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग जिलेभर में उर्वरक विक्रेताओं और परिवहन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है। इसका असर अब कार्रवाई के रूप में दिखने लगा है। सीजन की शुरुआत से अब तक जिले में उर्वरक जब्ती के 4 प्रकरण और विक्रय प्रतिबंध के 20 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं।
तमनार में बड़ी कार्रवाई, 52 बैग DAP खाद जब्त
विकासखंड तमनार में कृषि विभाग ने अवैध उर्वरक कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 52 बैग DAP उर्वरक जब्त किया। यह खाद सक्ति जिले के बाराद्वार से तमनार के भालूमुड़ा तक ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान वाहन क्रमांक CG-11-AB-3152 को भी कब्जे में लिया गया।
जब्त वाहन को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए थाना तमनार में रखा गया है, जबकि जब्त उर्वरक को सेवा सहकारी समिति तमनार में सुरक्षित रखा गया है।
उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन की आशंका
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दूसरे जिले से सीधे किसान के पास उर्वरक का भंडारण किया जाना उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 का उल्लंघन हो सकता है। इसके अलावा जब्त DAP खाद की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया गया है।
कृषि विभाग ने खाद के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्टॉक में गड़बड़ी, कृषि सेवा केंद्र पर बिक्री प्रतिबंध
जांच के दौरान प्रतीक कृषि सेवा केंद्र, झींकाबहाल (तमनार) में भी अनियमितता पाई गई। विभागीय निरीक्षण में भौतिक स्टॉक और POS सिस्टम में दर्ज स्टॉक के बीच अंतर मिला। गड़बड़ी सामने आने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से केंद्र के उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया।
किसानों से अपील—पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें खाद
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक, बीज और कीटनाशक केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और खरीदारी के समय बिल अवश्य लें।






