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केरल में शिगेला संक्रमण के मामले बढ़े, बच्चों में तेजी से फैल रहा खतरनाक बैक्टीरियल इंफेक्शन

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केरल। राज्य में बारिश के मौसम के दौरान शिगेला संक्रमण (Shigellosis) के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। यह एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है और तेजी से बच्चों को अपनी चपेट में लेता है।

क्या है शिगेला संक्रमण?

शिगेला एक बैक्टीरिया है जो बड़ी आंत (कोलन) पर हमला करता है। संक्रमण होने पर आंतों में सूजन और गंभीर इंफेक्शन हो जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, इसके लक्षण आमतौर पर 1 से 3 दिन के भीतर दिखाई देने लगते हैं, हालांकि कुछ मामलों में यह अवधि एक सप्ताह तक भी हो सकती है।

बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए ज्यादा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। कई मामलों में स्थिति गंभीर होकर डिहाइड्रेशन तक पहुंच सकती है।

शिगेला संक्रमण के प्रमुख लक्षण

  • बार-बार दस्त
  • मल में खून या बलगम
  • पेट में तेज दर्द और ऐंठन
  • बुखार और कमजोरी
  • उल्टी और मतली
  • भूख कम लगना
  • शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)

कैसे फैलता है संक्रमण?

यह संक्रमण मुख्य रूप से फीकल-ओरल ट्रांसमिशन के जरिए फैलता है। यानी संक्रमित व्यक्ति के मल से बैक्टीरिया भोजन या पानी के जरिए दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाता है।

  • शौच के बाद हाथ न धोना
  • दूषित पानी का सेवन
  • संक्रमित भोजन
  • गंदे हाथों से खाना छूना
  • मक्खियों के जरिए संक्रमण फैलना

भीड़भाड़ वाले इलाके, स्कूल और डे-केयर सेंटर में इसके फैलने का खतरा ज्यादा रहता है।

बचाव के उपाय

  • साबुन से नियमित हाथ धोना
  • उबला या साफ पानी पीना
  • भोजन को अच्छी तरह पकाकर खाना
  • फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोना
  • दस्त या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना

स्वास्थ्य विभाग की अपील

विशेषज्ञों ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और शुरुआती लक्षण दिखने पर लापरवाही न करने की सलाह दी है, ताकि संक्रमण को समय रहते रोका जा सके।

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