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छत्तीसगढ़ में बिजली टैरिफ बढ़ा, लेकिन राहत योजनाओं से आम उपभोक्ताओं पर असर सीमित

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रायपुर, 17 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत यानी करीब 42 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि को मंजूरी दी है। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना, बिजली बिल समाधान योजना और पीएम सूर्यघर योजना जैसी योजनाओं के जरिए आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार को काफी हद तक सीमित रखने का दावा किया है।

41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर असर बेहद कम

राज्य में करीब 51 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें:

  • 14.5 लाख BPL परिवारों को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है।
  • 26.5 लाख उपभोक्ताओं (400 यूनिट तक मासिक खपत) को 200 यूनिट तक 50% छूट दी जा रही है।

इन राहतों के चलते लगभग 41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दर वृद्धि का प्रभाव शून्य से 3.65% तक ही रहने की संभावना है।

किसानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं

राज्य के 8.65 लाख कृषि उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई है, लेकिन इसकी भरपाई सरकार सब्सिडी के रूप में करेगी।
साथ ही कृषि पंपों का स्थायी प्रभार यथावत रखा गया है।

PM सूर्यघर योजना से हजारों परिवारों का बिल शून्य

पीएम सूर्यघर योजना के तहत राज्य में अब तक:

  • 66 हजार उपभोक्ता लाभान्वित
  • 16 हजार परिवारों का बिजली बिल शून्य
  • 89 हजार घरों में सोलर प्लांट लगाने का कार्य जारी

सरकार ने आने वाले वर्षों में 5 लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है।

बिजली बिल समाधान योजना से बड़ी राहत

मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत:

  • BPL उपभोक्ताओं को मूल बकाया में 75% छूट + पूरा सरचार्ज माफ
  • घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50% छूट + पूरा सरचार्ज माफ

बाकी राशि 60 किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है। अब तक:

  • 6 लाख BPL
  • 1.5 लाख घरेलू
  • 33 हजार कृषि उपभोक्ता आवेदन कर चुके हैं।

करीब ₹1328 करोड़ के बकाया का समाधान हुआ, जिसमें ₹749 करोड़ की राहत दी गई।

उद्योगों और छात्रावासों को भी राहत

  • स्टील उद्योगों को लोड फैक्टर पर 25% छूट जारी रहेगी।
  • बस्तर और सरगुजा के आदिवासी छात्रावासों को घरेलू श्रेणी में शामिल कर बिजली खर्च घटाया गया है।

ऑफ-पीक बिजली उपयोग पर छूट

10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को:

  • सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5% छूट
  • पीक आवर्स में 5% अतिरिक्त शुल्क

इससे बिजली उपयोग का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।

ऊर्जा अधोसंरचना में बड़ा निवेश

राज्य में बिजली उत्पादन और वितरण मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है:

  • 2×660 MW सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र (पहली इकाई मार्च 2029 तक)
  • मड़वा में 800 MW नया संयंत्र प्रस्तावित
  • कई नए 220/132 KV और 132/33 KV उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती उत्पादन लागत और अधोसंरचना विस्तार को देखते हुए यह संशोधन सीमित दायरे का है। सरकार ने राहत योजनाओं के जरिए आम उपभोक्ताओं के हितों और बिजली व्यवस्था की वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।

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