छत्तीसगढ़

जनगणना आंकड़ों से होगा रिकॉर्ड का मिलान : छूटे मकानों की पहचान आसान, टैक्स वसूली में आएगी तेजी

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रायपुर नगर निगम अब हर वार्ड में जनगणना के आंकड़ों और अपने ‘रिकॉर्ड’ का मिलान करेगा। छूटे हुए मकान के मालिकों का नोटिस देकर कर के दायरे में लाने की प्रक्रिया की जाएगी।

रायपुर। रायपुर नगर निगम अब हर वार्ड में जनगणना के आंकड़ों और अपने ‘रिकॉर्ड’ का मिलान करेगा। इसके बाद छूटे हुए मकान के मालिकों का नोटिस देकर कर के दायरे में लाने की प्रक्रिया की जाएगी। राष्ट्रीय जनगणना में जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के बड़े निकायों में मकानों की संख्या नगर निगम के मौजूदा कर रिकार्ड से ज्यादा नजर आ रही है, यही अंतर राजस्व विभाग के अफसर और निरीक्षकों के लिए आकलन करने का माध्यम बनेगा।

सूत्रों के मुताबिक, रायपुर नगर निगम में 50 से 60 हजार हाउस होल्ड ऐसे हैं, जिनका नगर निगम के पास रिकॉर्ड नहीं है, ऐसे में नगर निगम का राजस्व महकमा जनगणना वार्डवार आंकड़ों को अपने रिकॉर्ड से मिलान करने की तैयारी में है। हालांकि इसमें एक दिक्कत ये आ सकती है कि जनगणना के बाद वार्डवार जो आंकड़े आए हैं, उसमें मकान मालिक का मोबाइल नंबर और उसके पते का जिक्र नहीं है।

नगर निगम अपने राजस्व में वृद्धि करने के लिए जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की मदद लेगा
नगर निगम अपने राजस्व में वृद्धि करने के लिए जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की मदद लेगा। इससे यह चिंहाकित करने में आसानी होगी कि किन मकानों व दुकानों से संपत्ति कर प्राप्त हो रहा है, और कौन-सी संपत्तियां संपत्ति कर के दायरे से बाहर हैं। कुल मिलाकर नगरीय निकाय के लिए अपना डाटा अपडेट करने का यह एक अवसर है, जिसमें पूर्व में कराए गए जीआईएस सर्वे के बाद हुए नए निर्माण और पुराने मकानों में जीर्णोद्धार के बाद नए निर्माण की जानकारी अपडेट हो पाएगी।

संपत्ति कर बढ़ाने के लिए नगर निगम लेगा जनगणना के आंकड़ों का सहारा
रायपुर नगर निगम पहली बार शहर में स्थित प्रॉपर्टी का ड्रोन आधारित लीडार सर्वे कराने की तैयारी में है। इसके लिए कुछ समय पहले आरएफपी फ्लोट कर सर्व करने के तरीके पर आधारित रुचि की अभिव्यक्ति मंगाई गई, जिसमें ऑनलाइन टेंडर के माध्यम से आधा दर्जन कंपनियों ने अपने प्रेजेंटेशन गांधी सदन में दिए थे। उपायुक्त राजस्व ने बताया कि किस विधि से पूरे शहरभर में प्रॉपर्टी रीएसेसमेंट कराया जाए, इसके लिए अलग-अलग एजेंसियों ने प्रस्तुतिकरण दिया। हमने उनके दस्तावेजों की कानूनी बारीकियों से जांच-परख कर लीगल वेटिंग कराई है। सप्ताहभर में इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। इसके लिए निगम आयुक्त के निर्देश पर प्रापर्टी रीएसेसमेंट कराने ऑनलाइन टेंडर किया जाएगा।

वार्डवार आंकड़े आए हैं

ननि रायपुर के उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा ने बताया कि, जनगणना के दौरान किए गए मकान सूचीकरण के वार्डवार आंकड़े आए है। इससे यह जानकारी होगी कि वाई वाइज कितने मकान है, इससे छूटे हुए मकानों की पहचान कर टैक्स के दायरे में लाने मदद मिलेगी। हालांकि इसमें मोबाइल नंबर और एड्रेस नहीं होने से छूटे हुए मकानों को ट्रेस करने में दिक्कत हो सकती है।

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