
रायगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। खरसिया पुलिस (police) ने 52 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले में एंड-टू-एंड जांच करते हुए मुख्य सप्लायर महिला को ओडिशा से गिरफ्तार किया है।
अप्रैल में पकड़े गए तस्करों से खुला पूरा नेटवर्क
यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2026 को पकड़े गए तीन अंतरराज्यीय तस्करों की पूछताछ के बाद सामने आए सुरागों के आधार पर की गई। उस समय रेलवे कॉलोनी खरसिया क्षेत्र से तीन युवकों को 52 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था, जो ट्रेन के माध्यम से गांजा लेकर जा रहे थे।
जांच में सामने आया कि यह गांजा ओडिशा से मध्यप्रदेश भेजा जाना था।
संबलपुर स्टेशन से जुड़ा था पूरा सप्लाई नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें गांजा संबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली महिला सुभद्रा उर्फ मामी मलिक द्वारा उपलब्ध कराया गया था, जिसे बीना (मध्यप्रदेश) तक पहुंचाना था।
तकनीकी जांच में भी महिला के मोबाइल नंबर की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू की।
ओडिशा में दबिश देकर मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh के निर्देशन में चौकी खरसिया पुलिस ने ओडिशा के कंधमाल जिले में दबिश दी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपिया सुभद्रा उर्फ मामी मलिक को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार महिला ने पूछताछ में गांजा सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
एंड-टू-एंड कार्रवाई से पूरे नेटवर्क पर शिकंजा
पुलिस ने बताया कि “ऑपरेशन आघात” के तहत अब केवल वाहक ही नहीं, बल्कि सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और पूरे नेटवर्क को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में आगे भी अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
एसएसपी का सख्त संदेश
Shashi Mohan Singh ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और रायगढ़ जिला किसी भी स्थिति में तस्करों का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा।
जब्त सामग्री और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी महिला के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपिया को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।







