स्मार्ट मीटर योजना केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पहल, छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा क्रियान्वयन

रायपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह किसी राज्य की अलग योजना नहीं, बल्कि भारत सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत लागू की गई राष्ट्रीय पहल है।
🔹 केंद्र सरकार की योजना के तहत देशभर में लागू
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने जुलाई 2021 में देशभर में स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया था। इसका मुख्य उद्देश्य—
- बिजली वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाना
- तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी लाना
- बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारना
- उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग उपलब्ध कराना
है।
🔹 छत्तीसगढ़ में 2022 से शुरू हुई प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर परियोजना लागू करने का निर्णय वर्ष 2022 में लिया गया था। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर फरवरी 2024 से मीटर लगाने का कार्य शुरू हुआ।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 55 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से करीब 40 लाख मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।
🔹 उपभोक्ताओं को मिल रही आधुनिक सुविधाएं
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं मिल रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
- हर 30 मिनट में बिजली खपत का डेटा उपलब्ध
- गलत मीटर रीडिंग की संभावना समाप्त
- सटीक और पारदर्शी बिलिंग
- रियल टाइम में वोल्टेज और लोड की जानकारी
🔹 बिजली व्यवस्था और मजबूत होगी
इस तकनीक से बिजली वितरण कंपनी को नेटवर्क की निगरानी, ओवरलोडिंग की पहचान और समय पर सुधार करने में मदद मिल रही है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
🔹 विभाग का स्पष्ट संदेश
ऊर्जा विभाग ने कहा है कि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना है।
स्मार्ट मीटर योजना केंद्र सरकार की एक बड़ी डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य देश की बिजली व्यवस्था को अधिक कुशल और उपभोक्ता हितैषी बनाना है।







