रायगढ़

जिला जेल रायगढ़ में कथित अवैध गतिविधियों के आरोप, व्हाट्सएप चैट से उठे गंभीर सवाल; जेल व्यवस्था पर जांच की मांग तेज

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आरोप/जांच: जेल के भीतर मोबाइल नेटवर्क और पैसों के लेनदेन के दावे से हड़कंप

Raigarh। जिला जेल रायगढ़ की व्यवस्थाएं एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई हैं। (jail irregularities, prison scam allegations) से जुड़े एक कथित व्हाट्सएप चैट और उसके बाद हुई पड़ताल ने जेल के भीतर चल रही गतिविधियों पर नई बहस खड़ी कर दी है।

यह मामला किसी बंदी की मौत से सीधे जुड़ा नहीं है, लेकिन सामने आए दावों ने जेल के भीतर एक समानांतर व्यवस्था की आशंका को जन्म दिया है।

परिजनों के दावे: पैसे लेकर सुविधाएं दिलाने की बात सामने आई

जानकारी के अनुसार, जेल में बंद एक बंदी के परिजनों ने कथित तौर पर एक मोबाइल नंबर और पैसों के लेनदेन को लेकर संपर्क किया। परिजनों का दावा है कि उन्हें जेल के भीतर से संपर्क कर एक विशेष नंबर पर पैसे भेजने को कहा गया, जिसके बदले बंदी तक सुविधाएं पहुंचाने की बात कही गई।

इसके बाद जब उक्त नंबर पर संपर्क किया गया, तो सामने वाले व्यक्ति ने स्वयं को बंदी का परिजन बताते हुए यह दावा किया कि जेल के भीतर पैसे पहुंचाने की व्यवस्था मौजूद है।

‘बाबा’ नाम के आरक्षक का जिक्र, गंभीर आरोप

पड़ताल के दौरान बातचीत में यह भी दावा किया गया कि जेल में पदस्थ एक आरक्षक, जिन्हें कथित तौर पर बंदी और परिजन “बाबा” नाम से जानते हैं, उनके माध्यम से पैसे भीतर पहुंचाए जाते हैं और बदले में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

यदि यह दावा सत्य पाया जाता है, तो यह जेल प्रशासन की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

मोबाइल पहुंचने पर बड़ा सवाल, जेल सुरक्षा पर उठे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जेल के भीतर से मोबाइल पर संपर्क संभव है, तो प्रतिबंधित मोबाइल डिवाइस जेल परिसर तक कैसे पहुंच रहे हैं।

साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि कथित तौर पर वसूली गई राशि किसके पास जा रही है और उसके बदले कौन-सी सुविधाएं दी जा रही हैं।

पहले से विवादों में रही जेल, अब नई जांच की मांग

इसी जेल से जुड़े विचाराधीन बंदी संजय बघेल की मौत को लेकर पहले से ही सवाल उठ चुके हैं। अब नए आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

परिजनों और स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

प्रशासन के सामने चुनौती, पारदर्शी जांच की मांग

यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल होंगे। वहीं यदि आरोप गलत हैं, तो उनकी भी आधिकारिक जांच कर स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।

फिलहाल जिला जेल रायगढ़ को लेकर उठ रहे सवालों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और सभी की निगाहें अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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