छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में ग्रामीण रोजगार और विकास को लेकर बड़े फैसले, VB-G RAM G योजना को मिली मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में VB-G RAM G योजना, अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना और छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति 2026 को मंजूरी दी गई।
ग्रामीण रोजगार को नई दिशा देने वाली VB-G RAM G योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” यानी VB-G RAM G योजना के प्रारूप का अनुमोदन किया। इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।
योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना और आजीविका निर्माण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार का व्यय अनुपात 60:40 रहेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना
कैबिनेट बैठक में “अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन केंद्र, प्रसंस्करण इकाइयां, सेवा केंद्र, विपणन और आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। योजना के संचालन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति 2026 को भी मिली स्वीकृति
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति 2026 को मंजूरी दी। इस नीति के तहत कृषि अवशेष, नगर पालिका अपशिष्ट और पशुधन अपशिष्ट को स्वच्छ ऊर्जा यानी कम्प्रेस्ड बायोगैस में परिवर्तित किया जाएगा।
इससे पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख टन CBG उत्पादन की क्षमता विकसित हो सकती है।
आने वाले समय के लिए अहम फैसले
बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं के साथ-साथ आगामी विधानसभा मानसून सत्र की तैयारियों और कृषि क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा पर भी चर्चा की गई। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से राज्य में रोजगार, विकास और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।







