घरघोड़ा में अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, जंगल में घेराबंदी कर 12 ट्रैक्टर जब्त

घरघोड़ा। कुटकुट नदी क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत से लदे करीब एक दर्जन ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में विभाग ने जंगल के भीतर घेराबंदी कर पूरे नेटवर्क पर अचानक दबिश दी, जिससे रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया।
जंगल के भीतर चल रहा था अवैध कारोबार
सूत्रों के अनुसार, रेत माफियाओं ने वन क्षेत्र के अंदर ही अवैध कच्चा मार्ग तैयार कर रखा था, जिसके जरिए रोजाना बड़ी मात्रा में रेत की ढुलाई की जा रही थी। यह पूरा कारोबार लंबे समय से बिना रोक-टोक के चल रहा था।
कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जब्त किए गए सभी ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के थे, जिससे साफ है कि अवैध गतिविधियों को छिपाकर बड़े पैमाने पर संचालन किया जा रहा था।
माइनिंग विभाग की भूमिका पर सवाल
इस कार्रवाई के बाद अब खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस अवैध कारोबार की जानकारी आम लोगों को थी, उस पर विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि लंबे समय से चल रहे इस अवैध उत्खनन पर निगरानी व्यवस्था कमजोर रही, जिसके कारण रेत माफियाओं के हौसले बुलंद होते गए।
रसूखदार संरक्षण की आशंका
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इस पूरे नेटवर्क को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर छुड़ाने और मामले को प्रभावित करने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना
वन विभाग की इस कार्रवाई ने अवैध रेत कारोबार के बड़े नेटवर्क को उजागर कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच सिर्फ ट्रैक्टर जब्ती तक सीमित रहेगी या फिर पूरे सिंडिकेट और इसके पीछे जुड़े संचालकों तक भी कार्रवाई पहुंचेगी।







