केज व्हील ट्रैक्टरों पर सड़कों में चलने पर सख्ती की तैयारी, PWD ने परिवहन विभाग को कार्रवाई के दिए संकेत

लोक निर्माण विभाग ने सड़कों पर लोहे के केज व्हील (Cage Wheel) लगे ट्रैक्टरों के संचालन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए परिवहन विभाग को कार्रवाई के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे ट्रैक्टरों का सड़क पर चलना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और आधारभूत संरचना दोनों के लिए गंभीर खतरा है।
🚜 सड़कों को हो रहा भारी नुकसान
PWD के अनुसार, लोहे के नुकीले केज व्हील डामर और सीमेंट की सड़कों को तेजी से नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे सड़कें टूट रही हैं और उनकी उम्र घट रही है।
विभाग का कहना है कि ऐसे वाहनों के कारण अन्य सामान्य वाहनों के फिसलने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
⚖️ हाईकोर्ट में चल रहा मामला बना आधार
मामला अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। एक जनहित याचिका (PIL) के दौरान परिवहन विभाग ने अपने शपथ पत्र में कहा था कि केज व्हील वाले ट्रैक्टर केवल कृषि कार्यों के लिए हैं और इन्हें सार्वजनिक सड़कों पर चलाना मोटर वाहन नियमों के अनुरूप नहीं है।
इसी आधार पर अब विभागीय स्तर पर सख्ती की तैयारी की जा रही है।
🚫 पहले भी जारी हुए थे निर्देश
करीब आठ महीने पहले परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
इसके तहत—
- किसानों को नियमों की जानकारी देना
- केज व्हील हटाकर रबर टायर लगाने के लिए प्रेरित करना
- और नियम उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई
जैसे निर्देश शामिल थे।
⚠️ अब सख्त कार्रवाई की संभावना
हालांकि जागरूकता अभियान के बावजूद कई क्षेत्रों में अब भी केज व्हील वाले ट्रैक्टरों का संचालन जारी है। इसी को देखते हुए अब प्रशासन सख्त कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ सकता है।






