चमोली में निर्माणाधीन टनल में बड़ा हादसा, भूस्खलन के बाद 22 मजदूर फंसे; 7 की मौत

विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना में हादसा
उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में बड़ा हादसा हो गया। भारी भूस्खलन के बाद पानी के साथ पत्थर और मलबा टनल के अंदर घुस गया, जिससे वहां काम कर रहे कई श्रमिक इसकी चपेट में आ गए।
22 मजदूरों के फंसने की सूचना
हादसे के बाद टनल में कुल 22 मजदूरों के फंसने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 7 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य मजदूरों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत-बचाव अभियान जारी है।
शाम करीब 6:10 बजे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा शाम करीब 6 बजकर 10 मिनट पर हुआ। जिस स्थान पर मजदूर काम कर रहे थे, उससे करीब 150 मीटर दूर भूस्खलन हुआ। इसके बाद पानी के साथ भारी मात्रा में पत्थर और मलबा टनल के भीतर पहुंच गया।
NDRF-SDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं
घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
13 मजदूरों को घायल अवस्था में निकाला गया
रेस्क्यू अभियान के दौरान रात करीब 9 बजे तक 13 मजदूरों को घायल अवस्था में टनल से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया। वहीं, कुछ अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
जिलाधिकारी की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन
राहत और बचाव अभियान जिलाधिकारी गौरव कुमार की निगरानी में चलाया जा रहा है। बचाव दल मलबा हटाकर टनल में फंसे अन्य श्रमिकों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी आज करेंगे घटनास्थल का दौरा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज पीपलकोटी स्थित हादसा स्थल का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेंगे और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेंगे।
हेल्पलाइन नंबर जारी
पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून ने राहत एवं बचाव अभियान, रेस्क्यू किए गए श्रमिकों और लापता लोगों से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। परिजन और अन्य लोग इन नंबरों के माध्यम से घटना से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।








