रायगढ़ में आज सजेगी सांस्कृतिक संध्या, शास्त्रीय नृत्य से लेकर कबीर गायन तक बिखरेगी कला की छटा

देश-प्रदेश के ख्यात कलाकार देंगे प्रस्तुतियां, कथक, कुचिपुड़ी और मणिपुरी नृत्य के साथ कबीर भजन और लोक संगीत रहेगा आकर्षण
रायगढ़। शहर में 18 सितंबर को आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या में भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लोक संगीत और भक्ति परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शाम 5 बजे से शुरू होने वाले इस आयोजन में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे ख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए कला और संस्कृति के विविध रंग मंच पर बिखेरेंगे। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कथक से होगी सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों के साथ होगी। शाम 5 से 6 बजे तक बिलासपुर की अंजनी मिश्रा, रायगढ़ की अनंता पांडे और रायपुर की शारवी सिंह परिहार कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगी।
इसके बाद शाम 6 से 6.30 बजे तक बिलासपुर की श्वेता नायक अपने 15 सदस्यीय दल के साथ कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। शाम 6.30 से 7.15 बजे तक मणिपुर से पहुंचीं डॉ. मंजू इलंगबम अपने चार सदस्यीय दल के साथ मणिपुरी नृत्य की प्रस्तुति देंगी।
एकल कथक प्रस्तुति भी रहेगी खास
सांस्कृतिक संध्या में शाम 7.15 से 7.45 बजे तक उज्जैन की डॉ. खुशबू पांचाल एकल कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। उनकी प्रस्तुति के साथ शास्त्रीय नृत्य की श्रृंखला आगे बढ़ेगी और दर्शकों को भारतीय नृत्य परंपरा के विभिन्न रूप देखने को मिलेंगे।
कबीर गायन और लोक संगीत रहेगा प्रमुख आकर्षण
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण पद्मश्री सम्मानित डॉ. भारती बंधु की प्रस्तुति होगी। रात 8.15 से 9.15 बजे तक वे अपने पांच सदस्यीय दल के साथ कबीर भजनों की प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति में कबीर की भक्ति और लोक चेतना से जुड़े गीतों की झलक देखने को मिलेगी।
इसके बाद रात 9.15 बजे से 11.30 बजे तक श्री अनुराग शर्मा अपने 30 सदस्यीय कलाकार दल के साथ लोक संगीत की प्रस्तुति देंगे। इस तरह देर रात तक चलने वाली सांस्कृतिक संध्या में शास्त्रीय नृत्य, भक्ति संगीत और लोक परंपरा के विविध रंग दर्शकों को देखने-सुनने को मिलेंगे।






