20 सितंबर को चक्रधर समारोह में सजेगी सुर और नृत्य की महफिल, अमित साना करेंगे समापन

कथक से गोटीपुआ तक दिखेगी विविधता, खैरागढ़ विश्वविद्यालय के कलाकार भी देंगे प्रस्तुति
रायगढ़। सांस्कृतिक नगरी रायगढ़ में आयोजित 41वें चक्रधर समारोह-2026 की 20 सितंबर की सांस्कृतिक संध्या विभिन्न नृत्य और संगीत विधाओं से सजेगी। शाम 4.45 बजे से रात 11 बजे तक चलने वाले कार्यक्रम में कथक, शास्त्रीय नृत्य, ओडिशा की पारंपरिक गोटीपुआ शैली और सुगम संगीत की प्रस्तुतियां दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति इंडियन आइडल फेम अमित साना अपने संगीत दल के साथ देंगे।
स्थानीय कलाकारों की कथक और गायन प्रस्तुतियों से होगी शुरुआत
20 सितंबर की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत शाम 4.45 बजे रायगढ़ की आहाना अग्रवाल की कथक प्रस्तुति से होगी। इसके बाद 5 बजे से 5.15 बजे तक सोमा दास कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी।
इसके बाद निशांत गुप्ता 5.15 से 5.30 बजे तक गायन की प्रस्तुति देंगे। कोरबा की अश्विका साव शाम 5.30 से 5.45 बजे तक कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं आनंदिता तिवारी 5.45 से 6 बजे तक कथक की प्रस्तुति देंगी।
खैरागढ़ विश्वविद्यालय के 10 कलाकार देंगे विशेष प्रस्तुति
शाम 6 बजे से 6.50 बजे तक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के 10 सदस्यीय दल की विशेष नृत्य प्रस्तुति होगी। विश्वविद्यालय के कलाकार अपनी प्रस्तुति के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य की विविधता को मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
गोटीपुआ नृत्य से दिखेगी ओडिशा की लोक परंपरा
इसके बाद शाम 6.50 से 7.50 बजे तक भुवनेश्वर से आए कलाकारों का 16 सदस्यीय दल ओडिशा की पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य शैली प्रस्तुत करेगा। श्री बी. साहू के नेतृत्व में होने वाली यह प्रस्तुति समारोह में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक पेश करेगी।
पंडित रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक
रात 7.50 से 8.50 बजे तक पद्मश्री सम्मानित पंडित रामलाल बरेठ के निर्देशन में भूपेंद्र बरेठ और 10 सदस्यीय दल कथक की विशेष प्रस्तुति देंगे। इस प्रस्तुति को समारोह की प्रमुख शास्त्रीय प्रस्तुतियों में शामिल किया गया है।
अमित साना सजाएंगे सुरों की महफिल
20 सितंबर की सांस्कृतिक संध्या का समापन रात 9 बजे से 11 बजे तक होगा। इस दौरान इंडियन आइडल फेम अमित साना अपने 10 सदस्यीय संगीत दल के साथ गायन की प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति के साथ चक्रधर समारोह की इस सांस्कृतिक संध्या का समापन होगा।
एक ही मंच पर दिखेगी कई कला विधाओं की झलक
20 सितंबर का कार्यक्रम स्थानीय कलाकारों के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों की कला और संगीत परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा। कथक, गोटीपुआ, शास्त्रीय नृत्य और गायन की प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को भारतीय कला-संस्कृति की विविधता देखने और सुनने का अवसर मिलेगा।






