रायगढ़ में अत्याधुनिक गौ-चिकित्सालय का शुभारंभ, वित्त मंत्री ओपी चौधरी बोले- गौसेवा सबसे बड़ी सेवा

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने शहर की ऐतिहासिक धरोहर श्री चक्रधर गौशाला में नवनिर्मित अत्याधुनिक गौ-चिकित्सालय का शुभारंभ किया। गौमाता के समुचित उपचार और बेहतर देखभाल के उद्देश्य से तैयार किए गए इस चिकित्सालय को गौसेवा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने गौशाला प्रबंधन, ट्रस्ट के पदाधिकारियों और युवा कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओपी चौधरी ने कहा, “गौसेवा सबसे बड़ी सेवा है। गौमाता के समुचित उपचार के लिए आप लोगों ने जो पहल की है, वह अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है।” उन्होंने कहा कि शहर के मध्य स्थित इस ऐतिहासिक स्थल को गौसेवा के लिए समर्पित रखना अपने आप में एक बड़ा संकल्प है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
सेठ किरोड़ीमल की नगरी में सेवा का नया अध्याय
वित्त मंत्री ने कहा कि दानवीर सेठ किरोड़ीमल की नगरी रायगढ़ में गौ-चिकित्सा की इस व्यवस्था का जुड़ना सेवा और दान की परंपरा में एक नया अध्याय है। सैकड़ों वर्ष पुरानी इस गौशाला को पूर्वजों ने सहेजकर रखा और अब नई पीढ़ी इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम कर रही है।
उन्होंने सेवा कार्यों में जुटे लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वास्तविक सेवा करने वाले लोग अक्सर मंच और माइक से दूर रहकर चुपचाप अपना दायित्व निभाते हैं। गौशाला प्रबंधन और युवा कार्यकर्ता भी इसी भावना के साथ सेवा कर रहे हैं।
गौसेवा का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
ओपी चौधरी ने गौसेवा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म और शास्त्रों में गौमाता को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि गौसेवा से समाज में सकारात्मकता, समृद्धि और सेवा भावना को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने रायगढ़ को संस्कार, संस्कृति और दान की नगरी बताते हुए कहा कि यहां भंडारे से लेकर विभिन्न सेवा कार्यों तक समाज के लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है। इस ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने और आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया।
समाज के सहयोग से ही सफल होते हैं सेवा कार्य
वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ सेवा कार्य ऐसे होते हैं, जिन्हें सरकार अकेले समाज के सहयोग के बिना पूरा नहीं कर सकती। गौशाला का संचालन भी ऐसा ही कार्य है, जिसमें समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं और परियोजनाएं बना सकती है, लेकिन जब तक समाज के सकारात्मक सोच वाले लोग आगे नहीं आते, तब तक प्रयासों को पूर्ण सफलता नहीं मिलती। समाज का सहयोग मिल जाए तो बड़े से बड़े कार्य भी आसानी से पूरे किए जा सकते हैं।
जनसेवा और गौसेवा में हर संभव सहयोग का भरोसा
ओपी चौधरी ने रायगढ़ की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें जो समर्थन, स्नेह और आशीर्वाद दिया है, उसके लिए वे सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनसेवा और गौसेवा के हर अच्छे कार्य में उनका सहयोग बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि निःस्वार्थ भाव से जनसेवा और गौसेवा करने वालों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी सेवा कार्य में बाधा आती है, तो वे सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से या व्यक्तिगत स्तर पर जहां भी उनकी आवश्यकता होगी, वे उपलब्ध रहेंगे।
श्री चक्रधर गौशाला में अत्याधुनिक गौ-चिकित्सालय की शुरुआत से गौमाता के उपचार और देखभाल की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगी है। यह पहल समाज के सहयोग से सेवा और संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश देती है।






