छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास सहित छह पर ईओडब्ल्यू का नया चालान, करोड़ों की अवैध कमाई के सबूत मिले

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के तत्कालीन आयुक्त एवं सचिव निरंजन दास समेत छह आरोपियों के खिलाफ रायपुर स्थित विशेष अदालत में चालान पेश किया है।
इस चालान में ईओडब्ल्यू ने आरोपियों की भूमिका, कथित लेन-देन और दस्तावेजी प्रमाणों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।
ईओडब्ल्यू की जांच में क्या निकला सामने?
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आरोपित निरंजन दास को घोटाले के दौरान प्रत्येक माह न्यूनतम 50 लाख रुपये की अवैध राशि का भुगतान किया जा रहा था।
विवेचना के दौरान प्राप्त प्रमाणों के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि उन्हें करीब 16 करोड़ रुपये की गैरकानूनी रकम दी गई।
ईओडब्ल्यू का कहना है कि यह भुगतान शराब व्यवसाय से जुड़े कथित अवैध लाभांश, कमीशन और सांठगांठ के माध्यम से किया गया, जिसकी पुष्टि वित्तीय लेन-देन और जब्त दस्तावेजों से हुई है।
अब तक 50 आरोपियों पर कार्रवाई
इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में अब तक कुल 50 आरोपियों के विरुद्ध चालान पेश किया जा चुका है।
नए चालान में शामिल छह आरोपियों पर भी भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और राजस्व को नुकसान पहुंचाने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मामला लगातार सुर्खियों में
राज्य में करोड़ों रुपये के इस घोटाले ने प्रशासनिक व्यवस्था और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।












