घोटाले का खुलासा : जमीन की हेराफेरी में पूर्व एसडीएम, पटवारी सहित चार पर आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश

घरघोड़ा में वर्ष 2018 के चर्चित भूमि हेराफेरी मामले में बड़ा निर्णय सामने आया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC) घरघोड़ा दामोदर प्रसाद चंद्रा ने लैलूंगा थाना प्रभारी को पूर्व एसडीएम अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम, विक्रेता बिहारी पटेल और गवाह सुरेंद्र गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 419, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश लैलूंगा निवासी व्यापारी अशोक कुमार अग्रवाल द्वारा दायर आपराधिक शिकायत पर सुनवाई के बाद दिया गया। मामले में सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार मिश्रा और आशीष कुमार मिश्रा ने पैरवी की।
क्या है मामला?
शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2017-18 के दौरान ग्राम झींकाबहाल स्थित खसरा नंबर 208, रकबा 0.773 हेक्टेयर की भूमि, जो वास्तविक रूप से जिंदल पावर एंड स्टील लिमिटेड के नाम दर्ज थी, उसके राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर फर्जी कागजात तैयार किए गए।
आरोप है कि एसडीएम अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम ने कूटरचित दस्तावेजों में जमीन मालिक के रूप में बिहारी पटेल का नाम दर्ज कर ऋण पुस्तिका क्रमांक P-1318403 जारी की।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 23 जनवरी 2018 को बिहारी पटेल ने उक्त भूमि 11,84,000 रुपये में अशोक कुमार अग्रवाल को बेच दी और रजिस्ट्री भी कराई।
सच सामने आया ऐसे
15 सितंबर 2023 को खरीदार ने जब ऑनलाइन अभिलेख निकलवाए, तो पाया कि जमीन वेणूधर वल्द ईश्वर के नाम दर्ज है। जांच में स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2017 के मूल खसरे में यह भूमि जिंदल पावर लिमिटेड के नाम ही थी।
इस प्रकार फर्जी खसरा, बी-1 और ऋण पुस्तिका बनाकर संपूर्ण धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, कोर्ट ने दिया आदेश
पीड़ित ने पहले लैलूंगा थाना में शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। अंततः उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
अदालत ने तर्क सुनने के बाद आठ पन्नों का आदेश पारित करते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू करने और आगे चार्जशीट प्रस्तुत करने के निर्देश दे दिए।






