धान खरीदी 15 नवंबर से: अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें धान उपार्जन नीति, उपार्जन केंद्रों का सत्यापन, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की भूमिका, तुंहर टोकन मोबाइल ऐप प्रक्रिया, चेक पोस्ट व्यवस्था और धान की गुणवत्ता परीक्षण से जुड़े बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह ने बताया कि किसानों से नगद एवं लिकिंग में धान खरीदी 15 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक की जाएगी। धान खरीदी की अधिकतम सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ (लिकिंग सहित) तय की गई है। अब किसानों को केंद्रों में ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि ऋण पुस्तिका का डेटा Agristack Portal से स्वतः सत्यापित हो जाएगा, जिससे प्रक्रिया और अधिक सरल तथा पारदर्शी होगी।
जिले की 69 समितियों के तहत 105 उपार्जन केंद्रों में खरीदी की तैयारी पूरी कर ली गई है। अवैध धान परिवहन रोकने हेतु 10 अंतरराज्यीय और 15 आंतरिक चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहाँ 24 घंटे तीन पालियों में टीमें निगरानी करेंगी। इस वर्ष संस्थागत पंजीयन को लेकर भूमिहीन किसान, डुबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टा धारक और ग्राम कोटवारों को पंजीयन में छूट दी गई है। धान विक्रय की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में जमा होगी।
तुंहर टोकन ऐप से होगी व्यवस्थित प्रवेश प्रक्रिया
धान खरीदी केंद्रों में भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से संचालित होगी। सोसायटी संचालक सुबह 9:30 बजे से टोकन जारी करेंगे, जो अगले 7 खरीदी दिवसों तक मान्य रहेंगे। छोटे किसानों को अधिकतम 2 तथा बड़े किसानों को 3 टोकन तक ही प्राप्त होंगे। आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य होने से बिना किसान की सहमति के कोई भी टोकन जारी नहीं हो सकेगा।












