बॉलीवुड को बड़ा झटका: 57 साल की उम्र में निर्देशक संजय गुप्ता का निधन, घर में गिरने से लगी थी गंभीर चोट

Sanjay Gupta Death News: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने 30 अक्टूबर 2026 को आखिरी सांस ली। उनके अचानक निधन की खबर से बॉलीवुड में शोक की लहर है। ‘कांटे’, ‘जिंदा’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी चर्चित फिल्मों के निर्देशन के लिए पहचाने जाने वाले संजय गुप्ता के जाने से फिल्म जगत ने एक प्रतिभाशाली फिल्मकार खो दिया है।
घर में गिरने से लगी सिर में गंभीर चोट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता मुंबई के वर्सोवा स्थित अपने घर में गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। शुरुआती खबरों में बाथरूम में गिरने की बात सामने आई थी, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जानकारी में किचन में गिरने की आशंका जताई गई है।
घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वर्सोवा पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल परिवार की ओर से किसी तरह की साजिश की आशंका नहीं जताई गई है।
संजय दत्त के साथ दीं कई यादगार फिल्में
संजय गुप्ता का नाम हिंदी सिनेमा में एक्शन और क्राइम फिल्मों के लिए खास पहचान रखता था। अभिनेता संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी ने कई यादगार फिल्में दीं। दोनों ने ‘कांटे’ (2002), ‘मुसाफिर’ (2004), ‘जिंदा’ (2006) और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (2007) जैसी फिल्मों में साथ काम किया।
इन फिल्मों ने संजय गुप्ता को बॉलीवुड में एक अलग पहचान दिलाई। उनकी फिल्मों में दमदार एक्शन, अपराध की दुनिया और रोमांचक कहानी कहने का अंदाज देखने को मिलता था।
‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से मिली खास पहचान
साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही। इस फिल्म का निर्देशन करने के साथ संजय गुप्ता ने इसकी कहानी और निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
फिल्म की कहानी वर्ष 1991 में मुंबई के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में हुई पुलिस मुठभेड़ से प्रेरित थी। फिल्म में विवेक ओबेरॉय, अमिताभ बच्चन और संजय दत्त जैसे कलाकार नजर आए थे।
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2013 में ‘शूटआउट एट वडाला’ का निर्देशन किया। यह फिल्म भी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित क्राइम ड्रामा थी।
‘काबिल’ और ‘जज्बा’ जैसी फिल्मों का भी किया निर्देशन
संजय गुप्ता ने अपने करियर में केवल एक्शन और क्राइम फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने ‘जज्बा’ (2015), ‘काबिल’ (2017), ‘एसिड फैक्ट्री’ (2009) और ‘मुंबई सागा’ (2021) जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया।
उनकी हालिया फिल्मों में ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ और ‘विस्फोट’ (2024) शामिल हैं। तीन दशक से अधिक समय तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहे संजय गुप्ता ने निर्देशक, लेखक और निर्माता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
संजय गुप्ता के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत की कई हस्तियों ने दुख जताया है। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी और उनके निधन को फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति बताया।
एक्शन और क्राइम फिल्मों को अपनी अलग शैली देने वाले संजय गुप्ता का अचानक चले जाना हिंदी सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी बनाई फिल्में और उनका सिनेमाई अंदाज दर्शकों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।






