छत्तीसगढ़ में न्यूनतम मजदूरी तय करने के नियम बदले, अब श्रमिक परिवार के खर्च के आधार पर होगी गणना

Chhattisgarh Minimum Wages Rules 2026: छत्तीसगढ़ में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए नया आधार तय किया गया है। अब मजदूरी की गणना में केवल श्रमिक के काम को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार की जरूरतों और जीवन-यापन पर होने वाले खर्च को भी ध्यान में रखा जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 बनाए हैं। इन नियमों में भोजन, कपड़े, आवास, ईंधन, बिजली, बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा सहित विभिन्न आवश्यकताओं पर होने वाले खर्च को मजदूरी निर्धारण का आधार बनाया गया है।
श्रमिक, जीवनसाथी और दो बच्चों को मानकर होगी गणना
नए नियमों के अनुसार, न्यूनतम मजदूरी की दैनिक दर निर्धारित करने के लिए एक मानक श्रमिक परिवार में श्रमिक, उसका जीवनसाथी और दो बच्चों को शामिल माना गया है। परिवार की कुल खपत को तीन वयस्क उपभोग इकाइयों के बराबर निर्धारित किया गया है।
भोजन की आवश्यकता के लिए प्रति उपभोग इकाई प्रतिदिन 2,700 कैलोरी का मानक तय किया गया है। वहीं, कपड़ों की जरूरत के लिए एक मानक श्रमिक परिवार को सालाना 66 मीटर कपड़े की आवश्यकता के आधार पर गणना की जाएगी।
आवास और अन्य जरूरी खर्च भी होंगे शामिल
नियमों में श्रमिक परिवार के आवासीय खर्च को भी महत्व दिया गया है। इसके लिए भोजन और वस्त्र पर होने वाले कुल खर्च का 10 प्रतिशत आवासीय किराये के रूप में शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा ईंधन, बिजली और अन्य विविध जरूरतों के लिए न्यूनतम मजदूरी का 20 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। वहीं बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा, मनोरंजन और आकस्मिक खर्चों के लिए 25 प्रतिशत का प्रावधान रखा गया है।
महंगाई भत्ते के पुनरीक्षण के लिए तय होंगी दो तारीखें
नए नियमों में परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) के पुनरीक्षण की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। इसके लिए साल में दो तारीखें तय की गई हैं, ताकि महंगाई के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मजदूरी से जुड़े भत्ते में समय-समय पर संशोधन किया जा सके।
परिवार की जरूरतों को मिलेगा मजदूरी निर्धारण में महत्व
छत्तीसगढ़ सरकार के नए मजदूरी नियमों में श्रमिक परिवार की बुनियादी जरूरतों को गणना का हिस्सा बनाया गया है। भोजन, कपड़े और आवास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और ईंधन जैसे खर्चों को शामिल करने से न्यूनतम मजदूरी निर्धारण के लिए एक व्यापक मानक तैयार किया गया है। हालांकि, वास्तविक मजदूरी दरों में कितना बदलाव होगा, यह संबंधित श्रेणियों के लिए जारी होने वाली दरों और अधिसूचनाओं पर निर्भर करेगा।






