छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य क्षेत्र में नई छलांग : पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी, 250 नई MBBS सीटों से बढ़ेगी चिकित्सा शिक्षा की क्षमता

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ राज्य सरकार चिकित्सा अधोसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, डिजिटल डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य संस्थानों का विकास और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
पांच नए मेडिकल कॉलेजों को NMC की मंजूरी
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने जुलाई 2026 में छत्तीसगढ़ के पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी प्रदान की है। इनमें गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम शामिल हैं।
इन मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 50-50 MBBS सीटों पर प्रवेश शुरू होगा। इससे प्रदेश में एक साथ 250 नई मेडिकल सीटों की वृद्धि होगी।
हिंदी माध्यम में भी मिलेगी चिकित्सा शिक्षा
राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने के लिए हिंदी माध्यम में भी पढ़ाई की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इससे ग्रामीण और हिंदी भाषी विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
जशपुर जिले के कुनकुरी मेडिकल कॉलेज के लिए राज्य सरकार पहले ही 359 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर चुकी है।
स्वास्थ्य अधोसंरचना पर बढ़ रहा निवेश
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है। हाल ही में 103 करोड़ रुपए से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया।
राजधानी नवा रायपुर में प्रस्तावित ‘मेडिसिटी हब’ के अंतर्गत 5 हजार बेड वाले विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण की योजना तैयार की गई है।
कैंसर उपचार और आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार
रायपुर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 200 बेड का समर्पित कैंसर संस्थान संचालित किया जा रहा है। यहां PET Scan, आधुनिक CT Scan और एडवांस्ड कीमोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों। मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार से छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।







