पत्रकारों की सुरक्षा और चरित्र हनन के मामलों में कार्रवाई की मांग, ABPSS ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला इकाई ने माफिया-सिंडिकेट की जांच, पत्रकारों को सुरक्षा और सोशल मीडिया पर धमकी व बदनाम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की उठाई मांग
सारंगढ़-बिलाईगढ़। पत्रकारों की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पत्रकारों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के कथित चरित्र हनन के मामलों को लेकर अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति (ABPSS) सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला इकाई ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक, नवा रायपुर को भी भेजे जाने की बात संगठन की ओर से कही गई है।


संगठन का आरोप है कि जनहित, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दे उठाने वाले पत्रकारों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को जवाब देने के बजाय सोशल मीडिया के माध्यम से बदनाम करने, धमकाने और उनके निजी जीवन एवं परिवार को निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पत्रकारों को निशाना बनाए जाने का आरोप
ABPSS पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र में जनसमस्याओं और अनियमितताओं को सामने लाने का काम करते हैं। संगठन के अनुसार, सवाल उठाने वाले पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर संगठित सोशल मीडिया ट्रोलिंग और व्यक्तिगत आरोपों का सहारा लिया जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि तथ्यों और खबरों का जवाब तथ्यों के माध्यम से दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
संगठन ने रखीं प्रमुख मांगें
ABPSS सारंगढ़-बिलाईगढ़ इकाई ने पुलिस प्रशासन के समक्ष मुख्य रूप से तीन मांगें रखीं—
1. कथित माफिया-सिंडिकेट की जांच: पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को कथित रूप से निशाना बनाने वाले असामाजिक तत्वों तथा संगठित गिरोहों की निष्पक्ष जांच कर उनकी भूमिका स्पष्ट की जाए।
2. पत्रकारों को सुरक्षा: जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए और आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा प्रदान की जाए।
3. धमकी और बदनाम करने के मामलों में कार्रवाई: सोशल मीडिया पर कथित तौर पर फर्जी जानकारी फैलाने, व्यक्तिगत आरोप लगाने, परिवार को निशाना बनाने अथवा धमकी देने के मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
बिलासपुर में भी संगठन ने सौंपा ज्ञापन
संगठन ने बताया कि इसी विषय को लेकर बिलासपुर में भी प्रदेश पदाधिकारियों की ओर से पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह परिहार, राष्ट्रीय पदाधिकारी अमित संतवानी और उत्पल सेनगुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
संगठन के अनुसार, प्रदेश नेतृत्व ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से भी मामले में हस्तक्षेप कर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
ABPSS पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा और कथित धमकी एवं चरित्र हनन के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर विचार करेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में ABPSS सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलाध्यक्ष नरेश चौहान, कोषाध्यक्ष पिंग्धवज खांडेकर, सारंगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष समीप अनंत, बिलाईगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष युवराज निराला, कोसीर ब्लॉक अध्यक्ष गुलशन लहरे, ब्लॉक उपाध्यक्ष शंभु पटेल, ब्लॉक महासचिव तुलसीदास महंत और संतोषी तेंदुलकर सहित अन्य पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच या कार्रवाई संबंधी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।






