Bilaspur News: छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती के आरक्षण रोस्टर पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, ST आरक्षण को लेकर उठे थे सवाल

जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई; 4 मई 2023 के भर्ती विज्ञापन और रद्द की जा चुकी आरक्षण नीति के आधार पर रोस्टर लागू करने का मामला
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती के लिए लागू आरक्षण रोस्टर को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से 4 मई 2023 को जारी भर्ती विज्ञापन में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण और रद्द की जा चुकी आरक्षण नीति के आधार पर रोस्टर लागू किए जाने को चुनौती दी थी।
भर्ती विज्ञापन और आरक्षण रोस्टर पर उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने दलील दी कि शिक्षक भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में आरक्षण का निर्धारण और रोस्टर लागू करने की प्रक्रिया विवादित है। उनका मुख्य सवाल यह था कि क्या भर्ती प्रक्रिया में ऐसी आरक्षण नीति के आधार पर रोस्टर लागू किया जा सकता है, जिसे पहले ही रद्द किया जा चुका है।
अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण का मुद्दा
इस मामले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण का प्रश्न भी प्रमुख रहा। याचिका में भर्ती विज्ञापन के प्रावधानों और संबंधित आरक्षण नीति की वैधता पर सवाल उठाए गए।
फैसले के विस्तृत विवरण का इंतजार
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हालांकि, फैसले के सटीक निर्देशों, याचिकाकर्ताओं को मिली राहत और भर्ती प्रक्रिया पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की जानकारी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।
इसलिए मामले के अंतिम निष्कर्ष और भर्ती प्रक्रिया पर उसके प्रभाव को समझने के लिए अदालत के विस्तृत आदेश का अध्ययन जरूरी होगा।






