कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने खरसिया में ई-गिरदावरी का किया मैदानी निरीक्षण, सर्वे में शुद्धता और पारदर्शिता के दिए निर्देश

रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने शुक्रवार को खरसिया विकासखंड के विभिन्न ग्रामों और सेवा सहकारी समितियों का भ्रमण कर ई-गिरदावरी (डीसीएस-डिजिटल क्रॉप सर्वे) कार्य का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम डोमनारा पहुंचकर खेतों में चल रहे डिजिटल फसल सर्वे की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों एवं सर्वेयरों से कार्य की प्रगति, प्रक्रिया तथा मैदानी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., खरसिया एसडीएम प्रवीण भगत, तहसीलदार सहित राजस्व अमला मौजूद रहा। कलेक्टर ने चपले स्थित सेवा सहकारी समिति में आयोजित बकेट क्लेम पंजीयन शिविर का भी निरीक्षण किया।
105 धान उपार्जन केंद्रों पर निगरानी की जिम्मेदारी
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और आयुक्त, भू-अभिलेख के निर्देशों के तहत जिले में शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित ई-गिरदावरी का कार्य कराया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फसल गिरदावरी की शुद्धता महत्वपूर्ण है।
इसी उद्देश्य से जिले के सात विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले 105 धान उपार्जन केंद्रों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में ई-गिरदावरी कार्य की लगातार निगरानी करते हुए सर्वे को शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
खेतों में पहुंचकर वास्तविक फसल और रकबे का सत्यापन
बताया गया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 17 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। सर्वेयर मोबाइल एप के माध्यम से खेतों में पहुंचकर मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर फसल की जानकारी दर्ज कर रहे हैं।
सर्वे के दौरान तालाब, मेड़, पड़ती, खलिहान और अन्य फसलों को भी चिन्हित किया जा रहा है, ताकि वास्तविक फसल रकबे का सही निर्धारण हो सके।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित प्रक्रिया और मानकों का पालन करते हुए खेतों में जाकर फसल की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। उन्होंने सर्वेयरों की कम से कम एक बार समीक्षा बैठक आयोजित करने और योजनाबद्ध तरीके से आकस्मिक निरीक्षण कर गिरदावरी कार्य का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए।
लापरवाही मिलने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दें सूचना
कलेक्टर ने कहा कि सर्वे के दौरान किसी भी तरह की त्रुटि या विसंगति सामने आने पर तत्काल संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाए। ई-गिरदावरी का पूरा कार्य शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।
सप्ताह में एक दिन फील्ड विजिट के निर्देश
कलेक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों को आवंटित क्षेत्रों में नियमित मैदानी भ्रमण कर सर्वे कार्य की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्रामों का फील्ड विजिट करने और सर्वेयरों से व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने फील्ड में आने वाली तकनीकी अथवा अन्य समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा। प्रत्येक सप्ताह निर्धारित प्रारूप में ई-गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति रिपोर्ट भू-अभिलेख शाखा में जमा कराई जाएगी।
प्रतिबंधित फसल की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना
सर्वे के दौरान अफीम सहित किसी भी प्रतिबंधित अथवा अवैध फसल की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि सर्वे में दर्ज प्रत्येक जानकारी वास्तविक और सटीक होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की गलत प्रविष्टि या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पूरे सर्वे कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और शुद्धता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।






