रायगढ़

रायगढ़ के जंगल में गूंजी किलकारी: 18 हाथियों के दल में मादा हाथी ने दिया शावक को जन्म, वन विभाग अलर्ट

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन परिक्षेत्र के बंगुरसिया सर्किल से वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी एक सुखद खबर सामने आई है। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में विचरण कर रहे 18 हाथियों के दल में शामिल एक मादा हाथी ने जंगल में एक शावक को जन्म दिया है। इस घटना के बाद वन विभाग ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और ड्रोन की सहायता से हाथियों के दल की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जैविक अवशेष से हुई शावक के जन्म की पुष्टि

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगल में निरीक्षण के दौरान जन्म के बाद मिलने वाले जैविक अवशेष (बर्थ वेस्ट) पाए गए, जिससे यह पुष्टि हुई कि मादा हाथी ने हाल ही में शावक को जन्म दिया है। इसके बाद विभाग ने पूरे हाथी दल की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया है।

ड्रोन से रखी जा रही लगातार निगरानी

नवजात शावक की सुरक्षा और हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए वन विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। ड्रोन कैमरों के माध्यम से हाथियों के झुंड की लोकेशन और गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

वन विभाग ने बंगुरसिया सर्किल और आसपास के गांवों के लोगों से अपील की है कि हाथियों के दल के पास जाने या उन्हें किसी भी तरह से परेशान करने का प्रयास न करें। ग्रामीणों को जंगल की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतने तथा हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर तुरंत वन विभाग को जानकारी देने के लिए कहा गया है।

वन्यजीव संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार, जंगल में हाथी के शावक का जन्म स्वस्थ वन पर्यावरण और सुरक्षित आवास का संकेत माना जाता है। यह घटना रायगढ़ के वन क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीवों के सुरक्षित प्रजनन की दिशा में एक सकारात्मक उपलब्धि मानी जा रही है।

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